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तालिबान जब पाकिस्तान की लड़कियों पर जुल्म करेगा क्या तब भी पाकिस्तानी जश्न मनाएंगे?

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एस पी मित्तल अजमेर

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद सैकड़ों पाकिस्तानियों ने अमरीका स्थित पाक दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया और तालिबान के साथ पाकिस्तान की भूमिका पर नाराजगी जताई। इसी प्रदर्शन के दौरान एक पाक नागरिक ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। इस पाक नागरिक के संबोधन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो मेरे फेसबुक पेज   www.facebook.com/SPMittalblog   पर देखा जा सकता है। इस शख्स ने अपने ही देश को टेररिस्ट स्टेट और सेना को टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन बताया। अफगानिस्तान पर जब तालिबान का कब्जा हुआ तो पाकिस्तान में जश्न मनाया गया। सब जानते हैं कि तालिबानियों का महिलाओं के प्रति क्या रुख है। यह माना की आज अफगान महिलाएं तालिबानियों के चंगुल में हैं, लेकिन जब यही तालिबानी पाकिस्तान में आकर हमारी महिलाओं पर जुल्म करेंगे, क्या तब भी पाकिस्तानी जश्न मनाएंगे?

पाकिस्तान सरकार की नीतियों से आज पाकिस्तान बहुत बुरे हाल में हैं। पाकिस्तान उस दवा की तरह है जो एक्सपायरी हो चुकी है और उस दवा में कीड़े निकल रहे हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से आज पाकिस्तान भले ही खुश हो, लेकिन इसके बुरे परिणाम सबसे पहले पाकिस्तान को ही भुगतने पड़ेंगे। पाक नागरिक ने अपने ही दूतावास के बाहर खड़े होकर यूएन से मांग की है कि पाकिस्तान के टेररिज्म पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की रक्षा की जाए। पाक नागरिक ने कहा कि भारत की आबादी 135 करोड़ है, लेकिन कोई भी भारतीय टेररिस्ट नहीं बनता। आखिर हमारा डीएनए एक ही है, लेकिन कन्वर्ट होने के बाद हमारी सोच कट्टरपंथी हो जाती है। हमें इस सोच को बदलने की जरूरत है। अमरीका स्थित पाक दूतावास के बाहर जब यह पाक नागरिक भाषण दे रहा था, तब सैकड़ों पाकिस्तानी तालियां बजा रहे थे। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत में भी मुस्लिम संगठनों के कुछ प्रतिनिधि तालिबान के समर्थन में खड़े हो गए हैं।

तालिबान समर्थक ऐसे सभी व्यक्तियों को पाक नागरिक का यह वीडियो जरूर सुनना चाहिए। इससे पता चलेगा कि पाकिस्तान की स्थिति कैसी है। अफगानिस्तान का नाम बदला:अफगानिस्तान पर पूरी तरह कब्जे के बाद कट्टरपंथी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान का नाम बदल दिया है। तालिबान की ओर से कहा गया है कि अब इस्लामी अमीरात ऑफ अफगानिस्तान होगा। अफगानिस्तान के साथ इस्लामिक अमीरात शब्द जोड़ने से माना जा रहा है कि अफगानिस्तान में शरीयत कानून का सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा। इस बीच अफगानिस्तान में अभी भी अफरा-तफरी मची हुई है। हजारों विदेशी नागरिक काबुल में फंसे हुए हैं। 19 अगस्त को सुबह तालिबान लड़ाकों ने काबुल एयरपोर्ट के बाहर गोलियां भी बरसाई। मौजूदा समय में अफगानिस्तान में दहशत का माहौल है। अफगानिस्तान के लोग भी देश छोड़ना चाहते हैं।

Ramswaroop Mantri

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