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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की विवादित टिप्पणियां’….सवर्ण पुरुष रेप नहीं करते’, ‘ना का मतलब हां भी’

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नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने गुरुवार को एक मामले में आदेश देते हुए कहा कि कानूनी तौर पर विवाहित पत्नी के साथ जबरदस्ती या उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध रेप नहीं है. अदालत ने इस मामले में पति को बलात्कार के आरोप से आरोपमुक्त कर दिया है. जबकि इसी मामले में पत्नी के अन्य आरोप के मामले में पति पर आरोप तय किए हैं. दरअसल ये मामला राज्य के बेमेतरा जिले की निवासी एक महिला ने अपने पति पर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने का केस दर्ज कराया था. पति और उसके परिवार के कुछ सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराया गया था.

ऐसा पहली बार नहीं है जब कोर्ट ने कोई ऐसी विवादित टिप्पणी की हो. इससे पहले भी देश की विभिन्न कोर्ट से ऐसी टिप्पणियां आई हैं, जो विवादित रहीं. यौन हिंसा, रेप पीड़िता से संबंधित मामलों में विवादित टिप्पणियां आई हैं. आइए एक नजर डालते हैं कि कब-कब कोर्ट की तरफ से ऐसी चौंकाने वाली टिप्पणियां सुनाई दीं.

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी ‘टैलेंटेड’ आईआईटी स्टूडेंट को दी जमानत
बीते 23 अगस्त को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रेप आरोपी एक आईआईटी के बीटेक छात्र को ‘टैलेंटेड’ मानते हुए जमानत दी. छात्र पर अपनी साथी स्टूडेंट के साथ रेप का आरोप है. जस्टिस अजित बोरठाकुर ने कहा कि इस बात की आशंका बेहद कम है कि छात्र सबूतों और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा क्योंकि जांच पूरी की जा चुकी है.

रेप के मामले में विवादित टिप्पणी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जून 2020 में रेप के एक आरोपी को इसलिए अग्रिम जमानत दे दी थी क्योंकि रेप के बाद पीड़िता को ‘थकने की वजह से नींद आ गई थी’. इस आलोक में कोर्ट ने केस के सही होने को लेकर भी संदेह व्यक्त किया था. दरअसल कोर्ट का मानना था कि रेप की घटना के बाद सो जाना, भारतीय महिला जैसा नहीं है.

ना मतलब शायद हां हो
साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पीपली लाइव फिल्म के सह निर्देशक महमूद फारूकी को रेप केस में यह कहते हुए बरी कर दिया था कि शायद महिला की ना का मतलब हां हो. साथ ही यह भी कहा गया था कि ऐसे मामलों में जहां पर दोनों पक्षों के पुराने संबंध हों वहां पर ‘ना’ का मतलब ‘ना’ समझ पाना भी मुश्किल है.

सवर्ण पुरुष पिछड़ी जाति की महिला के सात रेप नहीं कर सकते
1992 में राजस्थान में भंवरी देवी रेप केस में एक जज के द्वारा दिए गए बयान पर बड़ा विवाद हो गया था. दरअसल भंवरी देवी ने आरोप लगाया था कि पांच गुज्जर जाति के लोगों ने उनके साथ रेप किया था. 1995 में ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि भंवरी देवी का रेप नहीं हुआ था क्योंकि ऊंची जाति के पुरुष पिछड़ी जाति की महिलाओं के साथ रेप नहीं कर सकते.

Ramswaroop Mantri

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