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सतीशचंद्र शर्मा बने कर्नाटक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस

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हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक जज रहे जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा को कर्नाटक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एएस ओखा के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद जस्टिस शर्मा वहां सबसे वरिष्ठ जज हो गए थे। शुक्रवार को भारत सरकार ने उन्हें चीफ जस्टिस बनाए जाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

इंदौर आज जिस स्वरूप में दिख रहा है, उसमें जस्टिस शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान है। शहर की सभी फीडर सड़कों को चौड़ा करने के खिलाफ 500 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई थीं। इन्हें निराकृत कर सड़कों को विकसित किए जाने की राह उन्होंने ही आसान की। चार साल से शहर सफाई में नंबर वन है। उनके कार्यकाल में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर उन्होंने ही सुनवाई की थी। नगर निगम के सफाई अमले को मैदान में उतारकर सफाई करवाने के आदेश उन्होंने ही जारी किए थे।

सफाई व्यवस्था का जायजा लेने वे खुद बुलेट पर सुबह निकल जाते थे। सुनवाई के दौरान गंदगी वाले स्थान निगम, प्रशासन को वे स्वयं बताते थे। अन्नपूर्णा मंदिर के आगे सिटी फॉरेस्ट की जमीनों पर बने अवैध फॉर्म जमींदोज करने के आदेश उन्होंने ही दिए थे। उनके दिए गए आदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने भी यथावत रखा था। खजराना गणेश अन्न क्षेत्र में भोजन की गुणवत्ता कैसी है, यह पता करने के लिए वे सामान्य व्यक्ति की तरह कई बार अन्न क्षेत्र भी चले गए। आम लोगों की तरह पंगत में बैठकर भोजन किया। कमी-पेशी होने पर प्रशासन, निगम को सूचित भी कर देते थे।

सैल्यूट नहीं करने पर बर्खास्त गार्ड को बहाल किया
अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक ग्वालियर खंडपीठ के तत्कालीन जज एनके गुप्ता (फिलहाल लाेकायुक्त) को बीमार गार्ड ने खड़े होकर सैल्यूट नहीं किया था। सशस्त्र बल के उस गार्ड को इस बात पर बर्खास्त कर दिया गया था। गार्ड ने बहाली को लेकर याचिका दायर की थी। जस्टिस शर्मा की खंडपीठ ने गार्ड को फिर से नौकरी पर रखे जाने के आदेश दिए थे।

बेहद संवेदनशील, लेकिन सुनवाई में सख्त

जस्टिस शर्मा बेहद संवेदनशील जज के रूप में पहचाने जाते हैं, लेकिन सुनवाई के वक्त उतने ही सख्त रहे हैं। बीआरटीएस के लिए जमीन अधिग्रहण के वक्त स्वर्गीय जस्टिस शुभदा आर. वाघमारे के परिवार ने मुआवजा बगैर जमीन देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस शर्मा ने उनकी याचिका खारिज करते हुए निगम की कार्रवाई को सही ठहराया था।

जस्टिस वर्मा को इंदौर खंडपीठ भेजा

वकील से जज बनाए गए जस्टिस प्रणव वर्मा को हाई कोर्ट प्रशासन ने इंदौर खंडपीठ में सेवाएं देने के लिए भेजा है। शुक्रवार को उनका शपथ ग्रहण संपन्न हुआ। प्रिंसिपल बेंच जबलपुर में उन्होंने डिविजन बेंच में सुनवाई भी की। इसके बाद उन्हें विधिवत रूप से सेवाएं देने के लिए इंदौर खंडपीठ भेजा है। जस्टिस वर्मा को मिलाकर अब इंदौर खंडपीठ में जजेस की कुल संख्या सात हो गई है।

Ramswaroop Mantri

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