नई दिल्ली. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने बुधवार को 13165 करोड़ के सैन्य साजोसामान और उपकरण की खरीद को मंजूरी दी है. इनमें 25 स्वदेशी ALH मार्क-।।। हेलिकॉप्टर की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इन हेलिकॉप्टर्स की कीमत करीब 3850 करोड़ रुपए आंकी गई है. पीटीआई के मुताबिक रॉकेट और गोला-बारूद की खरीद पर 4962 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

काउंसिल की बैठक में तय हुआ कि कुल खरीद में से 11486 करोड़ के उपकरण और सैन्य प्लेटफॉर्म स्वदेशी कंपनियों से लिए जाएंगे. इससे पहले बीते सप्ताह रक्षा मंत्रालय ने 56 ‘सी-295’ मध्यम परिवहन विमानों की खरीद के लिए स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ करीब 20,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. ये विमान भारतीय वायु सेना के एवरो-748 विमानों का स्थान लेंगे. सुरक्षा पर मंत्रिमंडल की एक समिति ने लंबे समय से अटके इस सौदे को मंजूरी दी थी.
सी-295 परिवहन विमान पर दी गई थी जानकारी
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने ट्वीट किया था, ‘भारतीय वायु सेना के लिए 56 ‘सी-295’ परिवहन विमान खरीदने के वास्ते रक्षा मंत्रालय और स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के बीच अनुबंध हुआ है.’ इस सौदे के तहत अनुबंध पर हस्ताक्षर के 48 महीनों के भीतर एयरबस डिफेंस एंड स्पेस उड़ान में सक्षम 16 विमानों को सौंपेगी. बाकी के 40 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा.
नीतियों को भी आसान बनाने की कोशिश जारी
इस वक्त केंद्र सरकार सिर्फ खरीद ही नहीं बल्कि नीतियों के माध्यम से भी सेनाओं को मजबूत करने का काम कर रही है. इसी महीने की शुरुआत में खबर आई थी कि भारतीय वायुसेना जल्द ही इमरजेंसी हालात में हवा में ईंधन भरने वाले एयरक्राफ्ट किराए पर ले सकेगी. शीर्ष रक्षा सूत्रों ने बताया था कि दरअसल वायुसेना ऐसा नए रक्षा सुधार की वजह से कर सकेगी. माना जा रहा है कि इस फैसले की वजह से इमरजेंसी हालात में भारी-भरकम कागजी कार्रवाई से बचा जा सकेगा. ये वित्तीय शक्ति वायुसेना को रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नए सुधारों की वजह से मिल रही है.





