मध्य प्रदेश में उप चुनाव में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन BJP का खेल बिगाड़ सकता है। जयस अपने उम्मीदवार उतारेगा या कांग्रेस को समर्थन देगा, इसे लेकर 5 अक्टूबर को बैठक में फैसला होगा। दूसरी तरफ 5 अक्टूबर को सरकार ने झाबुआ में आदिवासी महाकुंभ का आयोजन किया है। खंडवा लोकसभा और आलीराजपुर की जोबट विधानसभा सीट में आदिवासी निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में चुनाव मैदान में जयस की मौजूदगी का BJP के अलावा कांग्रेस पर भी असर होगा।
जयस की खंडवा लोकसभा सीट और जोबट विधानसभा सीट पर सक्रियता बढ़ गई है। जयस दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुका है, लेकिन अभी ऐलान नहीं हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जयस के चुनाव लड़ने की स्थिति में BJP और कांग्रेस दोनों को नुकसान होना तय है। ऐसी खबरें हैं कि जयस जोबट सीट पर पटवारी रहे नितेश अलावा को टिकट दे सकती है। बीते दिनों महू में जयस के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नितेश अलावा को निलंबित कर दिया गया था।
दोनों के लिए बन सकता है सिरदर्द
खंडवा लोकसभा की पंधाना, बागली, भीकनगांव और नेपानगर सीट आदिवासी बाहुल्य है। वहीं, जोबट सीट पर आदिवासियों की संख्या 97% है। यही वजह है कि अगर जयस संगठन उपचुनाव में उतरने का फैसला करता है, तो यह BJP और कांग्रेस दोनों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।
यही वजह है कि BJP ने आदिवासियों पर फोकस बढ़ा दिया है। आचार संहिता की काट के लिए पड़ोसी जिले बड़वानी, झाबुआ और धार में बैठकर चुनावी गतिविधियां संचालित की जा रही है। आदिवासी महाकुंभ और आदिवासी क्षेत्रों में यात्राएं और बड़ी घोषणाओं से बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है।
हाल में महू में जयस के प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से निलंबित किए गए पटवारी नितेश अलावा को जोबट सीट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस के विधायक और जयस को खड़ा करने वाले हीरालाल अलावा कह चुके हैं कि खंडवा और जोबट उपचुनाव जय आदिवासी युवा संगठन पूरी ताकत से लड़ेगा। इसकी तैयारी चल रही है, हालांकि कांग्रेस यदि युवा आदिवासी को मौका देती है तो मिलकर चुनाव लड़ने पर भी विचार किया जा सकता है।
शिवराज खेल चुके इमोशनल कार्ड
सीएम शिवराज सिंह चौहान यहां जनदर्शन यात्रा निकालने के साथ ही इमोशनल कार्ड भी खेल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने हेलिकॉप्टर में आदिवासी को सवार करा कर यह संदेश देने की कोशिश की कि यह सिर्फ शिवराज सरकार में ही संभव है कि जो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर ना बैठा हो, वह सीधे हेलिकॉप्टर में बैठ गया, हालांकि कांग्रेस ने इस पर फोटो जारी करते हुए कहा था कि ये वो आदिवासी हैं, जो BJP और संघ से जुड़े हैं। इस सीट पर आदिवासी संगठन जयस भी BJP का खेल बिगाड़ सकता है। कांग्रेस अगर यहां कांतिलाल भूरिया की पसंद का उम्मीदवार उतारती है, तो BJP की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
BJP पर भी पड़ेगा असर
खंडवा लोकसभा सीट BJP के नंदकुमार सिंह चौहान जोबट विधानसभा सीट कांग्रेस की विधायक कलावती भूरिया के कोरोना के कारण निधन से खाली हुई है। इन दोनों सीटों पर फतह के लिए BJP अलग रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में BJP कार्यसमिति की बैठक में भी इस पर चर्चा हो चुकी है।
95 सीटों पर निर्णायक भूमिका
मध्यप्रदेश में वैसे तो आदिवासियों की आबादी 22% है और ये विधानसभा की 95 सीटों पर निर्णायक भूमिका में रहते हैं, लेकिन अभी मध्यप्रदेश में चार सीटों पर उपचुनाव होना है। इनमें खंडवा लोकसभा के अलावा जोबट, पृथ्वीपुर और रैगांव विधानसभा के लिए उपचुनाव है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा की सीटें हैं, जिनमें से 4 सीटें आरक्षित हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात इस क्षेत्र में 6 लाख से ज्यादा आदिवासी वोटर हैं, जो चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं।





