इंदौर
बड़गोंदा वन परिसर से जब्त बुलडोजर, ट्राॅली छुड़वाने के मामले से भले ही पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर का नाम हट गया हो, लेकिन मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा। मंत्री, उनके समर्थक मनोज पाटीदार सहित 20 लोगों के खिलाफ दिए गए आवेदन पर आम आदमी पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। आप कार्यकर्ता गुरुवार को आईजी को ज्ञापन देने पहुंचे। उनका कहना है कि सीसीएफ स्तर के अधिकारी की जांच में भी वन भूमि पर अवैध खनन किए जाने की बात सामने आई है। मंत्री ने रात में वन चौकी में जब्त मशीनों को गुंडागर्दी और गैर कानूनी तरीके से छुड़वाया। राजनीतिक दबाव के चलते शिकायत से मंत्री का नाम हटा दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष पीयूष जोशी का कहना है कि मंत्री और उनके समर्थकों ने रात के अंधेरे में जाकर जब्त मशीनों को छुड़वाया। मंत्री को ऐसा कृत्य शोभा नहीं देता। सीसीएफ की जांच में कहा गया कि अवैध खनन वन विभाग की भूमि पर ही हो रहा था, जबकि मंत्री का कहना है कि खनन निजी भूमि पर हो रहा था। वे झूठ क्यों कह रही हैं? राजनीतिक दबाव के चलते उनका नाम हटा है। आईजी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भोपाल से आई टीम ने जांच की
भोपाल से आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) एमके धाकड़ ने जांच की। सबसे पहले धाकड़ उस स्थान पर गए जहां बुलडोजर से खुदाई की जा रही थी। बताया जाता है कि जहां खुदाई चल रही, वहां वन विभाग की जमीन है। जब ग्रामीणों के बयान लेने की बारी आई, तो 200 से ज्यादा ग्रामीणों ने धाकड़ को घेर लिया। किसी ने कहा कि वन विभाग जबरन तंग करता है। पैसे नहीं देने पर जब्ती की धमकी दी जाती है। मौका मुआयना करने के बाद धाकड़ चोरल रिसॉर्ट गए। यहां कुछ ग्रामीणों के बयान लिए। मनोज पाटीदार ने भी आरोप लगाए कि वह अपनी जमीन पर काम कर रहे थे। बगैर जांच किए ही वन विभाग ने वाहन जब्त कर लिया।
मैंने जो देखा, वही आवेदन में लिखा
डिप्टी रेंजर राम सुरेश दुबे का कहना है कि मैंने 10 जनवरी को भी सही कार्रवाई की और 12 को भी सही ज्ञापन दिया। वन भूमि पर बगैर अनुमति बुलडोजर से खुदाई की जा रही थी। उस वक्त भी मैंने विधिवत रूप से कार्रवाई कर बुलडोजर को परिसर में खड़ा करवाया था। उस मामले की जांच होना बाकी थी। 11 जनवरी को परिसर में 20 से ज्यादा लोग घुसे और बुलडोजर, ट्राॅली लेकर चले गए। मंत्री भी यह सब देख रही थीं। उनकी मौजूदगी में यह काम हुआ था। मैं थाने में आवेदन नहीं देता तो मेरे वरिष्ठ अधिकारी मुझ पर कार्रवाई करते। मेरे निलंबित होने की स्थिति बन जाती।
यह है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बड़गोंदा में मनोज पिता अशोक पाटीदार द्वारा 10 जनवरी को रास्ता बनाने के लिए खुदाई की जा रही थी। इस पर डिप्टी रेंजर दुबे ने स्टाफ के साथ जाकर खुदाई रुकवाई। बुलडोजर और ट्रॉली को जब्त कर परिसर में खड़ा करवा दिया था। इस कार्रवाई दौरान मनोज का स्टाफ से काफी विवाद भी हुआ था। मंत्री समर्थक होने की भी धौंस दी गई थी। इसके बाद 11 जनवरी को विधानसभा में मंत्री का कार्यक्रम था। इसी में मनोज ने बुलडोजर, ट्रॉली जब्त किए जाने की जानकारी मंत्री को दी थी। अब डिप्टी रेंजर का आरोप का है कि प्रोग्राम खत्म होने के बाद मनोज, सहित 20 लोग कैंपस में घुसे। मंत्री भी बाहर ही खड़ी थीं। बुलडोजर और ट्रॉली वह बगैर अनुमति लेकर चले गए। इस पर मंत्री ठाकुर, मनोज, सुनील यादव, अमित जोशी, वीरेंद्र आंजना, सुनील पाटीदार, प्रदीप पाटीदार, सुरेश कुंवर सिंह सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन दिया था।





