अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रार्थना -1

Share

बहुत ही
भयानक शब्द है
प्रार्थना
बहुत बड़ा छल है
प्रार्थना के पीछे
वे खींच लेना चाहते है
लोगों के पाँवों के
नीचे की जमीन
और खुद
बैठे दिखना चाहते हैं
सातवें आसमान पर खुदा होकर।
वे जो नहीं देखना चाहते कि
किसी के पास भी हो
मजबूत रीढ़ की हड्डी ,
नहीं देखना चाहते है
कोई ऐसा सर
जो झुका हुआ न हो
उनके सामने।
वे देखना चाहते हैं
लोगों में भिखारीपना
उनके सामने फैला हुआ हाथ
ताकि वे
अनुभव कर सकें
दाता होने का गर्व
और लोग करते रहै
उनसे प्रार्थना
सुबह , शाम
बने रहें भक्त
और भक्त से ज्यादा
कभी कुछ नहीं
ताकि
वे बने रह सकें भगवान
प्रार्थना के लिए।
वे नहीं चाहते कि
लोग कभी भी कर सकें
आत्मसात
‘अधिकार ‘ का अर्थ
और
न करनी पड़े
लोगों को प्रार्थना।

प्रार्थना-2

अगर तुम
इसी तरह प्रार्थना करते रहे
तब तुम्हें
कभी भी
नहीं मिल पाएगा
संवाद का हक।

प्रार्थना -3

कभी भी
मत करना
किसी से भी प्रार्थना
ईश्वर से तो बिल्कुल नहीं।
वह किसी को
कुछ नहीं दे सकता।

        सुप्रसिद्ध कवि व लेखक- रामकिशोर  मेहता ,अहमदाबाद, गुजरात, संपर्क - 919408230881, ईमेल - ramkishoremehta9@gmail.com 
           संकलन -निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद,

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें