भोपाल. करवा चौथ मना रही मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए खुश खबरी है. अब उन्हें चांद के दीदार के लिए आकाश की ओर लगातार नहीं देखना होगा. उनकी पूजा भी टाइम पर हो जाएगी और उनका व्रत भी सही समय पर खोला जाएगा. नेशनल अवॉर्ड विनर सारिका घारू ने तमाम महिलाओं को ये सौगात दी है. उन्होंने चंद्रमा का रविवार को होने वाले हर पल का कार्यक्रम जारी कर दिया है. ये कार्यक्रम जीपीएस पर आधारित है.
सारिका के मुताबिक, जो समय उन्होंने बताया है उस वक्त चांद पूर्व में क्षितिज से उदय होगा. वह करीब 15 मिनट बाद ऊंचाई पर आएगा और बिना किसी व्यवधान के दिखाई देने लगेगा. चांद सबसे पहले प्रदेश के सिंगरौली में दिखेगा. सिंगरौली के अलावा प्रदेश का जितना हिस्सा पूर्व में है, वहां-वहां चांद पहले दिखेगा. उसके बाद चांद की दिशा पश्चिम होगी और वह करीब 30 मिनट बाद खरगौन और इंदौर जैसे शहरों में दिखाई देगा. कल चांद की पृथ्वी से दूरी करीब-करीब 4 लाख किमी होगी.
सिंगरौली 7:55, जबलपुर 8:09, छिंदवाड़ा 8:15, रायसेन 8:17, होशंगाबाद 8:19, भोपाल 8:19, इटारसी 8:20, सीहोर 8:20, उज्जैन 8:26, इंदौर 8:26, धार 8:29, झाबुआ 8:31 और खरगौन 8:31. करवा चौथ 24 अक्टूबर को सुबह 3 बजकर 1 मिनट से शुरू हो रहा है. यह 25 अक्टूबर सुबह 5 बजकर 43 मिनट तक चलेगा. व्रत का शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर की शाम 6.55 मिनट से रात 8 बजकर 51 मिनट के बीच बन रहा है. इसके अलावा करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय रात के 8 बजकर 12 मिनट पर रहेगा. हालांकि अलग-अलग जगहों पर चांद के निकलने का समय थोड़ा आगे पीछे रहेगा.
करवा चौथ का नियम
करवा चौथ के दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले खाने-पीने के लिए उठती हैं और फिर सूर्यास्त तक निर्जला उपवास रखती हैं. करवा चौथ व्रत के दौरान महिलाएं सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी खाती-पीती नहीं हैं. इस मौके पर व्रत करने वाली महिलाएं श्रेष्ठ दिखने के लिए पारंपरिक पोशाक जैसे साड़ी या लहंगा पहनती हैं. व्रत रखने वाली महिलाएं हाथों में मेहंदी भी लगाती हैं और दुल्हन की तरह श्रृंगार रती हैं और आभूषण पहनती हैं. करवा चौथ की पूर्व संध्या पर केवल महिलाओं का समारोह आयोजित किया जाता है, जहां वे अपनी पूजा थालियों के साथ एक मंडली में बैठती हैं. स्थानीय परम्पराओं के आधार पर पूजा गीतों के साथ करवा चौथ की कहानी सुनाई जाती है और पूजा के बाद महिलाएं आसमान में चंद्रमा के दिखने का इंतजार करती हैं.





