इंदौर
न्यूजीलैंड से होने वाली 3 टी-20 मैचों की श्रृंखला के लिए इंदौर से दो खिलाड़ियों का सिलेक्शन हुआ है। ये खिलाड़ी हैं आवेश खान ओर वेकटेंश अय्यर। जैसे ही, आवेश खान के सिलेक्शन के बारे में पता चला, उसके घर बधाइयों का तांता लग गया। उसके घर जश्न जैसा माहौल है। उसके दोस्तों ने माला पहनाकर और ढोल-ताशों के साथ उसका स्वागत किया। आवेश का कहना है कि वह पूरी शिद्दत के साथ देश और टीम के लिए खेलेगा।
इंदौर की श्रीनगर एक्सटेंशन की गलियों में कभी प्लास्टिक की बॉल से खेलने वाला आवेश अब इंटरनेशनल मैच खेलेगा। आवेश की मेहनत और जुनून ही है कि उसे इंडियन टीम में जगह मिली। वैसे, इंदौर ने अमय खुरासिया ओर नमन ओझा जैसे खिलाड़ी भी देश को दिए हैं, लेकिन हाल में चल रहे शॉर्ट क्रिकेट के जुनून के बीच शहर से एक साथ दो खिलाड़ियों के सिलेक्शन ने एक बार फिर इंदौर का नाम भारत के नक्शे पर ला दिया है। भास्कर संवाददाता ने आवेश खान और उसके परिवार से बातचीत कर अनुभव साझा किए…
भास्कर- कैसा लग रहा है।
आवेश खान- कोशिश रहेगी कि इंदौर का नाम रोशन करूं। प्रदेश और देश का नाम रोशन करूं। खुशी है कि परिवार ओर माता पिता का नाम रोशन किया है। जिनको भी पता है कि मेरा टीम में चयन हुआ है, उनकी बधाई मिल रही है।
भास्कर- फिलहाल भारतीय टीम की परफॅामेंस थोड़ी कमजोरी है। किस तरह की स्ट्रैटजी होगी आपकी?
आवेश- हार जीत चलती रहती है। कभी अच्छा खेलते हैं, तो कभी बुरा खेलते हैं। अब जीत को लेकर ज्यादा फोकस करेंगे। राहुल द्रविड़ जी नए कोच मिले हैं। उनका क्या प्लान है। मीटिंग में बात करेंगे, जयपुर जाएगे, तो वहां पता चलेगा टीम की क्या प्लानिंग है।
भास्कर- गली क्रिकेट की कुछ यादें?
आवेश- गली में काफी क्रिकेट खेला हूं। लोग खुश होते थे। आज गली से ही यहां पहुंचा हूं। जब भी देश के लिये खेलूंगा। निश्चिततौर अपना 100 % दूंगा।
पिता बोले- आवेश को सिर्फ खेलने का जुनून था
आवेश के पिता के मुताबिक आवेश सिर्फ क्रिकेट खेलने की ही जिद करता था। सब काम छोड़कर क्रिकेट पर ही फोकस करता था। किकेट में तो करीब 10 घंटे देता था। इसके साथ ही पढ़ाई में भी होनहार था।
मां बोलीं- मैंने हमेशा खेलने से रोका था
आवेश की मां ने बताया कि उन्होंने बेटे को हमेशा क्रिकेट खेलने से रोका था। मुझे नही पता था कि ये एक दिन देश का नाम रोशन करेगा। टीम में सिलेक्शन हुआ है, तो खुशी मिलती है। आवेश को देखकर कई लोग जागरूक हुए हैं। बेटे को अच्छा खेलते देखना चाहती हूं।

माता-पिता के साथ आवेश खान।





