भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा पूरे देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हम लोगों के खिलाफ एक धरना दिया गया। धरने में राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश मेरठ द्वारा ज्ञापन दिया गया जिसमें कहा गया है की पार्टी अच्छी तरह से समझती है कि यह हमले अल्पसंख्यकों पर जानबूझकर, वोट बटोरने के लिए किए जा रहे हैं ताकि मतदाताओं का ध्रुवीकरण किया जा सके और बीजेपी को वोट मिल सके।

इस मुहिम में आर एस एस का भी उतना ही हाथ है। यह हमले भारत हमारे संविधान और जनतंत्र पर हमले हैं। संघ परिवार का संकल्प है कि भारत की पहचान को बुनियादी रूप से बदलकर उसे एक मनुवादी राष्ट्र बनाया जाए। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उनके इस मनुवादी राष्ट्र में अल्पसंख्यकों को अधिकारों से और बराबरी से वंचित कर दिया जाएगा। यही नही, तमाम मेहनतकश जनता को शोषण करने वाले तबकों का गुलाम बना दिया जाएगा। ज्ञापन में मांग की गई की अल्पसंख्यकों पर हमला करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, निर्दोष लोगों पर लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाएं, भारतीय जनतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और हिंदू मुस्लिम भाईचारे की हिफाजत की जाए। धरना देने वालों में अब्दुल जब्बार खान, ब्रजवीर सिंह, जी पी सलोनिया, अनिल कुमार, रजनीश कुमार, सैफुल इस्लाम, जुल्फिकार, सैयद मोहम्मद, जियाउल हक, डॉक्टर जीआर मलिक, शैलेंद्र श्रीवास्तव, चौधरी श्याम सिंह, विनोद गौतम, जयगोपाल, राजकुमार गुर्जर, संजीव शर्मा, विजय शर्मा, सतपाल सिंह और मुनेश त्यागी आदि लोगों ने भाग लिया।
,,,, मुनेश त्यागी





