रक्त नालियों में नहीं वरन् नाड़ियों में बहना चाहिए – विश्व पाल
लखनऊ रक्तपुरक चैरिटेबल फाउंडेशन पाल वल्र्ड टाइम्स वेबसाइट के प्रबन्धक एवं नियमित रक्तदाता विश्व पाल को अन्य रक्तदाताओं के साथ बुद्ध इंटरनेशनल शोध संस्थान, गोमती नगर में आयोजित भव्य रक्तपुरक सम्मान समारोह में आकर्षक साटीर्फिकेट देकर विशेष रूप से 19 दिसम्बर 2021 को सम्मानित किया गया। विश्व पाल को माननीय डा. डेनजिल जे. गोडिन, एम.एल.ए., उत्तर प्रदेश ने यह सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान समारोह में देश के प्रतिष्ठित डाक्टर, समाजसेवी और नियमित रक्तदाता शामिल थे जिन्होंने कोविद-19 के कठिन समय में रक्तदान करके उन लोगों की जान बचाई जिन्हें रक्त की बहुत आवश्यकता थी। सम्मान समारोह के आयोजक रक्तपुरक चैरिटेबल फाउंडेशन के संस्थापक श्री बलराज ढिलन ने सभी उपस्थित हस्तियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि फाउंडेशन का संकल्प स्वस्थ भारत – कैंसर मुक्त भारत बनाने का दृढ़ संकल्प है। कार्यक्रम का संचालन सुश्री निमिषा ने बहुत जीवंत रूप में किया। संस्था की ट्रस्टी श्रीमती गरिमा ढिल्लन ने सभी को धन्यावाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
विश्व पाल नियमित रूप से रक्तदान करते रहते हैं। वह रक्तपुरक चैरिरटेबल फाउंडेशन तथा थैलेसीमिया इंडियन सोसाइटी के सक्रिय रक्तदाता है। विश्व पाल समाज के युवाओं को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। विश्व पाल ने बताया कि रक्तदान खुद की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। आतंकवाद, युद्धों जैसे अमानवीय कार्यों के द्वारा बेकसूर लोगों का रक्त बहाने के स्थान पर रक्त को अमूल्य मानव जीवन की नाड़ियों में बहना चाहिए। विश्व पाल पारिवारिक एकता तथा जय जगत के विचारों द्वारा भारतीय संस्कृति के आदर्श वसुधैव कुटुम्बकम् के विचार को साकार करने के लिए संकल्पित है।
विश्व पाल विश्व एकता के प्रबल समर्थक लखनऊ के वरिष्ठ समाजसेवी प्रदीपजी पाल एवं श्रीमती उमाजी पाल के पुत्र है।
सामाजिक न्याय की आवाज अधिवक्ताओं ने राजधानी लखनऊ में बुलन्द कीलखनऊ 20 दिसम्बर। सर्व समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति एकीकरण एवं अधिकार अधिवक्ता प्रतिनिधि प्रांतीय सम्मेलन का भव्य आयोजन रामाधीन सिंह उत्सव भवन, फैजाबाद रोड में कल किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि माननीय श्री राकेश चैधरी, अध्यक्ष, अवध बार एसोसिएशन, उच्च न्यायालय, लखनऊ का अधिवक्ताओं द्वारा फूल मालाओं, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह से भव्य स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि श्री राकेश चैधरी ने आयोजकों को बधाई देते हुए शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद दिया तथा कहा कि इन्होंने आज अधिवक्ताओं के एकीकरण व अधिकार की आवाज बुलंद करके बहुत बड़ी प्रेरणा देने का काम किया है। श्री चैधरी ने आगे कहा कि विगत 13 नवंबर 2021 को केन्द्र सरकार ने भी पिछड़े वर्ग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति एवं अल्पसंख्यक न्यायाधीशों की उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय में कमी की चिंता ब्यक्त करते हुए इसे पूरा करने की संस्तुति की है। सम्मेलन को सर्वश्री जवाहरलाल गंगवार ,बरेली, राम आसरे सिंह वर्मा, प्रतापगढ़, कन्हैयालाल गौतम, लखनऊ, पूरन सिंह राजपूत, आगरा, उत्तम गुप्ता, लखनऊ, मन्ना लाल पाल, सूर्यपाल यादव, हरिशंकर मौर्या, अरविन्द कुशवाहा, श्रीमती कमलेश कुमारी आदि अधिवक्ताओं ने भी सामाजिक न्याय पर अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। सम्मेलन का सफल संचालन राजेंद्र प्रसाद शर्मा द्वारा किया गया। सम्मेलन के अध्यक्ष ज्ञान जी, सर्व समाज सेवा संस्थान के प्रमुख ने समय की प्रतिबद्धता को विशेष रूप से पालन करने का अपील करते हुए कहा कि प्रजातंत्र की बड़ी सी बड़ी कुर्सी पर प्राप्त करने हेतु हर शहर, कस्बा, मोहल्ला एवं गांव में किसी भी सार्वजनिक पार्क या अन्य स्थान पर प्रत्येक माह बैठक तथा संगोष्ठी करके पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक लोगों को संगठित करने पर बल दिया। उन्होंने भारी संख्या में प्रतिभाग करके सामाजिक न्याय की आवाज बुलन्द करने के लिए अधिवक्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया।





