-निर्मल कुमार शर्मा,
वर्तमान समय के भारतीय राजनैतिक परिदृश्य में उक्त बात अक्षरतः सत्य है,क्योंकि यहाँ कथित हत्या के प्रयास के आरोपित दर्जनों कवि,लेखक,डॉक्टर्स,प्रोफेसर्स,मानवाधिकार कार्यकर्ता पिछले दो सालों से जेलों में सड़ रहे हैं ! एक ईमानदार,सत्यनिष्ठ,कर्तव्यपरायण पुलिस अधिकारी को आजीवन कारावास भुगतना पड़ रहा है,तो दूसरे को दिन-दहाड़े सत्ता संरक्षित गुँडों ने दिन-दहाड़े मौत के घाट उतार दिया ! दूसरी तरफ हजारों-लाखों लोगों की सरेआम हत्या करनेवाला हत्यारा इस देश के सत्ता के शीर्ष पर बेशर्मी और ठसक के साथ बैठा हुआ है ‘





