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क्षेत्रीय_दल_वरदान_या_अभिशाप

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अकरम खान
अगर आप नीचे लगे मानचित्र पर गरीबी का आंकड़ा देखेंगे तो यूपी बिहार और झारखंड भारत के सबसे ग़रीब राज्य हैं।
जबकि यूपी बिहार और झारखंड के पास सबसे ज्यादा मेहनती मानव संसाधन हैं। इस संसाधन का प्रयोग करके गुजरात और महाराष्ट्र देश के अमीर राज्यों में पहुंच गए।
इन राज्यों में जल संसाधन प्रचूर मात्रा में है, खनिज संसाधनों की भी कमी नहीं है। ज्यादातर जमीन भी समतल और उर्वरक है। 
अगर मानव संसाधन, जल संसाधन, जमीन और खनिज संपदा के हिसाब से आंकलन करें तो ये राज्य भारत के सबसे अमीर राज्य होना चाहिए था मगर हुआ उल्टा ये राज्य भारत के सबसे ग़रीब राज्य हैं।
अगर यहां के लोगों ने गुजरात महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली या फिर खाड़ी देशों में जाकर नौकरी और बिजनेस नहीं किया होता तो मेरा अनुमान है कि ये राज्य मध्य अफ्रीकी देशों से भी ज्यादा गरीब होते। लाखों लोग भूखमरी का शिकार होते।
अब सवाल उठता है कि जब इन राज्यों में सब कुछ है तो ये राज्य गरीब क्यों हैं?
इन राज्यों के गरीबी का कारण यहां के क्षेत्रीय पार्टियां जैसे कि सपा बसपा राजद जद यू हैं।
नब्बे के दशक में जैसे ही नरसिंहा राव के समय में देश में आर्थिक सुधार शुरू हुए ठीक उसी समय इन राज्यों में इन क्षेत्रीय दलों का उदय हो गया।
देश में आर्थिक सुधार के बाद जब गुजरात महाराष्ट्र तामिलनाडु केरल पंजाब जैसे राज्य विकास की गुलाचें मार रहे थे उस समय इन राज्यों के क्षेत्रीय दलों ने जाति की राजनीति शुरू कर दिए।
जब गुजरात और महाराष्ट्र में कंपनियों का जाल बिछाया जा रहा था तब इन राज्यों के नेताओं ने पार्क बनाने, अपनी मूर्तियां बनाने और सैफई मे मुजरा महोत्सव को ही विकास समझ लिया।
आज गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियां जिस मानव संसाधन के बल पर चल रही हैं वो सब यूपी और बिहार से ही आता है। अगर इन नेताओं ने मूर्तियां और मुजरा महोत्सव की जगह में बिजली सड़क और सुरक्षा पर ध्यान दिया होता, उद्योगपतियों को विश्वास में लेकर कंपनियों का जाल बिछाया होता तो ये राज्य विकसित राज्यों की श्रेणी में आते।
अगर आज भाजपा इन राज्यों में फल फूल रही है तो सिर्फ इन पार्टियों की वजह से वरना वहां की जनता कब चाहतीं थी कि भाजपा हमारे ऊपर राज करें। वहां की जनता बार बार इन दलों को जिता कर मौका दे रही थी कि आइए सत्ता संभालिए और विकास करिए मगर ये तो मूर्तियों और मुजरों को ही विकास समझते थे जिससे अंत में जनता ने इनको हटाकर भाजपा को सत्ता सौंप दिया।
असल में ये क्षेत्रीय दल यूपी और बिहार के लिए अभिशाप हैं। इन राज्यों का विकास राष्ट्रीय दलों के द्वारा ही संभव हो सकता है।वो राष्ट्रीय दल चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस। 
हो सकता है आपको मेरी बात बुरी लगे मगर हकीकत यही है।

Ramswaroop Mantri

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