भोपाल। एक बार फिर साबित हो गया है कि भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार प्रदेश के गरीब मजदूरों की नहीं बल्कि लुटेरी बिजली कंपनियों की है। इसीलिए तो निर्माण श्रमिकों के कल्याण का 416.33 करोड़ रुपए बिजली कंपनियों को थमा दिया गया है।*
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह* ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि विधान सभा में प्रश्न क्रमांक 562 का उत्तर देते हुए खनिज साधन मंत्री *बृजेंद्र प्रताप सिंह* ने स्वीकार किया है कि भवन निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए जो राशि मृत्यु सहायता, डिलेवरी, रिटायर होने वाले श्रमिकों की पेंशन, लोन और एडवांस ग्रुप इंश्योरेंस और श्रमिकों के बच्चों के विदेश पढ़ने जाने पर खर्च होनी थी, उस राशि को बिजली कंपनियों को भुगतान कर दिया गया है।
यह राशि भी थोड़ी बहुत नहीं *416.33 करोड*़ है।*माकपा* नेता ने कहा है कि भाजपा सरकार के इस भुगतान से साफ हो गया है कि शिवराज सरकार को प्रदेश के गरीबों के कल्याण से ज्यादा चिंता बिजली कंपनियों की लूट और मुनाफे को सुनिश्चित करने की है, जो पहले से ही उपभोक्ताओं को लूट रही हैं।*मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी* ने राज्य सरकार के इस मजदूर विरोधी कदम की निंदा करते हुए कहा है कि जरूरत बिजली कंपनियों की लूट पर अंकुश लगाने की है। मगर भाजपा सरकार उनकी लूट को सुरक्षित कर गरीब श्रमिकों के कल्याण की राशि भी लुटेरी बिजली कंपनियों के खाते में डाल रही है।





