विंध्यप्रदेश के पुनर्निमाण की लड़ाई में अपना सर्वश्व न्यौछावर करने वाले मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने विंध्य को काल्पनिक बताने वाले सतना सांसद के बयान पर तीखी प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा की सांसद गणेश सिंह का यह बयान विंध्य द्रोह की श्रेणी में है. ऐसा बचकाना बयान विंध्य की हमारी मातृभूमि की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है,
यह मातृभूमि का अपमान है। विधायक त्रिपाठी ने कहा कि सांसद जी जिस विंध्य को काल्पनिक बता रहे है वह विंध्य प्रदेश कभी अस्तित्व में था लेकिन ऐसे ही जयचंदो की वजह से ही हमारे विंध्य के साथ धोखा कर मध्यप्रदेश में विलय कर लिया गया, जिसका खामियाजा आज हमारे विंध्य प्रदेश का जन मानष भुगत रहा है. न शिक्षा की कोई उचित व्यवस्था है न इलाज की. आज हमारे युवाओ को शिक्षा हेतु शहर दर शहर भटकना पड़ता है। स्वास्थ्य की माकूल व्यवस्था न होने से आज हमारे विंध्य के लोग इलाज के लिये नागपुर मंडी में जाकर लुटने को मजबूर हैं। विधायक त्रिपाठी ने कहा कि आज विंध्य में आई.आई.टी, आई.आई.एम. की क्या कल्पना की जा सकती है? विधायक ने कहा कि आज हमारा युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहा है, भटक रहा है, हमारा किसान परेशान है, हमारे व्यवसाई परेशान है. विंध्य बनेगा तो सभी को लाभ होगा।
विन्ध्य को राज्य के रूप में बनाने के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां विद्यमान है पर्याप्त भूभाग, जनसंख्या, और प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं. नारायण त्रिपाठी ने कहा कि आज विंध्य में कोई लीडरशिप नहीं है, केवल चमचे है जो चमचागिरी कर अपना अपना व्यापार और अस्तित्व बचा रहे है, ऊपर से इस तरह की बयानबाजी निंदनीय है। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद जी आपको नहीं पता कि जो हमारा राष्ट्रगीत है उसमे विंध्य का नाम समाहित है, विंध्य महाकौशल स्वयं सेवक संघ की मान्यता में राज्य इकाई है फिर भी आपने विंध्य को काल्पनिक बता पूरे विन्धवासियो का अपमान किया है, जिसका बदला आपसे विंध्य प्रदेश के लोग आने वाले समय में लेंगे। विधायक मैहर ने विंध्यवासियो से अपील कर कहा है कि ऐसे तमाम उन चेहरों को जनता चिन्हित करे जो विंध्य में रहकर जिन्हें विंध्य की जनता ने नाम और शोहरत प्रदान की आज वे विंध्य को काल्पनिक बता मखौल उड़ाने का कार्य कर रहे हैं। विधायक ने कहा विंध्य था और आगे भी बनकर रहेगा. हां विंध्य नेताओ के दमपर नहीं जनता जनार्दन की मांग और उनके संघर्ष की बदौलत बनेगा और जब बनेगा तब तय हो जाएगा कि विंध्य प्रदेश कितना बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि आज विंध्य और बुंदेलखंड सबसे ज्यादा पिछड़ेपन की मार झेल रहा है जिसकी जिम्मेदारी यहाँ के नेताओ को जाती है।





