एस पी मित्तल, अजमेर
7 मार्च को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर स्थित सरकारी आवास पर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। तीन हजार से भी ज्यादा पशु पालकों की उपस्थिति को देख कर सीएम गहलोत भी गदगद नजर आए। चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ सीएम को राजस्थानी संस्कृति के अनुरूप साफा पहनाया और मालाओं से लाद दिया। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशु पालकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए उनकी सरकार पशुपालकों के विकास के लिए जो कुछ भी कर सकती है वह करेगी। सीएम ने कहा कि एक लीटर डेयरी के संग्रहण केंद्रों पर जमा कराने पर पशुपालकों को एक अप्रैल से जो पांच रुपए का अनुदान मिलेगा, उससे प्रदेश भर की डेयरियों में दूध की आवक बढ़ जाएगी। इस अवसर पर चौधरी ने कहा कि सरकार ने पशुपालकों की उम्मीद से ज्यादा राहत दी है। पूर्व में जो दो रुपए लीटर का अनुदान मिल रहा था, उसे बढ़ाकर चार रुपए करने की मांग की गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री उदार रुख दिखाते हुए अनुदान की राशि पांच रुपए कर दी। अब प्रदेशभर के पशुपालकों को एक अप्रैल से प्रति लीटर पांच रुपए का सरकारी अनुदान मिलेगा। चौधरी ने बजट में पशुपालकों के लिए अन्य घोषणाएं किए जाने पर भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। चौधरी के साथ इस अवसर पर प्रदेश की अन्य डेयरियों के अध्यक्ष और सरकार के कई मंत्री भी शामिल थे। हालांकि यह मुख्यमंत्री गहलोत का आभार जताने का समय था, लेकिन इसे अजमेर डेयरी के अध्यक्ष चौधरी का शक्ति परीक्षण भी माना जा रहा है। चौधरी गत 25 वर्षों से डेयरी के अध्यक्ष बने हुए हैं। अजमेर की राजनीति में चौधरी का महत्वपूर्ण स्थान है। माना जाता है कि ग्रामीणों की इतनी बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित करने का काम चौधरी ही कर सकते हैं। चौधरी डेयरी से जुड़े पशुपालकों की समस्या के समाधान में हमेशा आगे रहते हैं। गत वर्ष ही 300 करोड़ रुपए की लागत से अजमेर डेयरी के नए प्लांट की शुरुआत हुई है। इस नए प्लांट में 10 लाख लीटर दूध की प्रतिदिन प्रोसेसिंग हो सकती है। 7 मार्च को जयपुर रवाना होने से पहले चौधरी और पशु पालक किशनगढ़ स्थित टोल नाके पर एकत्रित हुए। यहां समर्थकों ने चौधरी के जिंदाबाद के नारे लगाए।





