मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक से किसानों के प्रतिनिधिमंडल के मिलने के बाद किसानों के बकाया भुगतान की उम्मीद बंधी
इंदौर। 2019 से अपने बकाया की वसूली के लिए भटक रहे 186 किसानों के वसूली मामले में अब गति आ गई है ।गौरतलब है कि वर्ष 2019 में कृषि उपज मंडी इंदौर के व्यापारी राधेश्याम एंड कंपनी के संचालक हरी नारायण खंडेलवाल एवं उनके परिवार के लोगों ने 155 किसानों से 186 पर्ची पर करीब पौने तीन करोड़ रुपए का गेहूं खरीदा था। कुछ गेहूं मंडी में तथा कुछ की मील पर तोला गया था लेकिन पिछले 3 वर्षों से किसान अपने बकाया की वसूली के लिए भटक रहे थे ।
किसानों ने ही उक्त व्यापारी की संपत्ति ढूंढ कर मंडी समिति को सौंपी थी ,लेकिन फिर भी मंडी समिति लेट लाली कर रही थी । इसी संबंध में गत दिनों संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान मजदूर सेना एवं किसान संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक से भोपाल जाकर मिला था और उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया था उसके बाद जब प्रबंध संचालक ने स्थानीय मंडी अधिकारियों को हडकाया तो मामले में गति आई । मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक के आदेश के बाद अब जो प्रतिवेदन तैयार कर इंदौर के मंडी सचिव द्वारा प्रबंध संचालक को भेजा गया है उसमें साफ कहा गया है कि किसानों के बकाया और व्यापारी के फरार होने में तत्कालीन मंडी सचिव सतीश पटेल की लापरवाही जिम्मेदार है और उनके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए । स्थानीय मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक को भी यह रिपोर्ट भेजी गई है और चाहा गया है कि किसानों की वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएं । वही तत्कालीन मंडी सचिव सतीश पटेल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ।
प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड के आदेशों के बाद अब बकाया किसानों के भुगतान का रास्ता कुछ आगे बढ़ा है और जांच में भी गति आई है । दूसरी ओर इस मामले में मंडी समिति ने शहर के प्रतिष्ठित वकील और पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव से भी इस संबंध में चर्चा की है और उन्हें इस केस में कार्रवाई का जिम्मा सौंपा है । संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, शेलेन्द पटेल, लखन सिंह डाबी और सोनू शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर ही किसान संगठनों की एक बड़ी बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी ।
फरार व्यापारी बकाया मामले में मंडी समिति ने भी माना तत्कालीन मंडी सचिव को दोषी





