इंदौर
रेलवे स्टेशन के सामने की रोड ड्रेनेज लाइन के लिए 8 महीने से खुदी हुई है। हाथीपाला अंडरब्रिज से स्टेशन तक 700 मीटर लाइन 45 दिन में डलना थी। 252 दिन बीत गए, अफसर 25 दिन और मांग रहे हैं। सड़क की वजह से स्टेशन आने वाले 20 हजार से ज्यादा लोगों की रोज फजीहत हो रही है।
लॉकडाउन में ताबड़तोड़ शुरू किया था काम, ताकि जल्दी पूरा हो जाए
- टेंडर हुए : मई के पहले सप्ताह में। 10 करोड़ की लागत। लॉकडाउन में शुरू किया ताकि जल्दी हो सके।
- काम शुरू हुआ : 15 मई से शुरुआत हो गई। नीचे हार्ड रॉक आने का कह काम कछुआ गति से चलाया।
- निगम का दावा: 95% काम पूरा। सिर्फ पटेल ब्रिज के नीचे 5 मीटर पाइप डालना ही बाकी रह गया है।
- हकीकत: पाइप डलने के बाद भराई होगी, फिर सड़क बनेगी। एक्सपर्ट के अनुसार 25 फीसदी काम बाकी है।
और मोहलत चाहिए- अब 15 फरवरी तक पूरा करेंगे काम
अफसर 15 फरवरी तक काम पूरा करने का कह रहे हैं। आर्किटेक्ट अतुल सेठ का कहना है, हार्ड रॉक आना सामान्य है इसे देरी के लिए जिम्मेदार मानना गलत है।
इनकी जिम्मेदारी थी समय पर काम पूरा करना
हार्ड रॉक आने से कई बार ब्लास्टिंग की। सफलता नहीं मिली तो फिर पोकलेन से चट्टान तोड़ना पड़ी। पटेल ब्रिज के नीचे धीरे काम करना पड़ा ताकि कंपन से ब्रिज को नुकसान न हो। इस वजह से देर हुई।
– सुनील गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, निगम
रेल्वे स्टेशन व रहवासी क्षेत्र होने से वहां ज्यादा इंटेंसिटी के डायनामाइट का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। सबसे पहले रेलवे स्टेशन के सामने का हिस्सा पूरा करेंगे।
– मयूर खुम्बानी, कॉन्ट्रैक्टर, तीर्थ गोपीकॉन





