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वंशवाद पर मोदी के हमले से प्रदेश भाजपा के सियासी गलियारों में खलबली:शिवराज, सिंधिया और विजयवर्गीय के बेटे राजनीति में सक्रिय

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी में परिवारवाद को लेकर एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। उनके ताजा बयान के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में खलबली मच गई है। दरअसल, एमपी बीजेपी में परिवारवाद की बेल लंबी है। ऐसे में मोदी फॉर्मूला पूरी तरह से लागू किया गया, तो बीजेपी के शीर्ष नेताओं सहित कई नेताओं के बेटों का पॉलिटिकल करियर चौपट हो सकता है।

पीएम मोदी ने सिर्फ विपक्षी दलों पर हमला नहीं बोला है, बल्कि अपने दल के नेताओं को भी संदेश देने की कोशिश की है। इसमें उन नेताओं के नाम भी जुड़ गए हैं, जो कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। मध्यप्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी के कई दिग्गज अपने परिजनों के लिए टिकट की दावेदारी कर सकते हैं, लेकिन मोदी का फॉर्मूला चला तो ये दावेदारी खटाई में पड़ सकती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेटे कार्तिकेय के साथ। (फाइल)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेटे कार्तिकेय के साथ। (फाइल)

कार्तिकेय सिंह चौहान- मुझे पार्टी से टिकट नहीं चाहिए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान राजनीति में एक्टिव हैं। वो अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र बुदनी में सक्रिय हैं। पिछले दो विधानसभा चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी भी संभाली। कुछ समय पहले कार्तिकेय अमेरिका चले गए। पिछले विधानसभा चुनाव में कार्तिकेय का बयान आया था कि ‘अगर आप परिवारवाद की बात करें, तो दो प्रकार के लोग होते हैं। एक तो वो, जो बचपन से चांदी का चम्मच मुंह में लेकर आते हैं। तुरंत कोई पद लेकर कुछ न कुछ बन जाते हैं। दूसरे मेरी तरह होते हैं। मैं न कोई पद की उम्मीद कर रहा हूं और ना मुझे पार्टी से टिकट चाहिए।

महाआर्यमन अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ। (फाइल)

महाआर्यमन अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ। (फाइल)

महाआर्यमन सिंधिया- सार्वजनिक कार्यक्रमों में आ रहे नजर
सिंधिया राजवंश की चौथी पीढ़ी अब राजनीति के मैदान में सक्रिय होती नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन भी राजनीति में उतर सकते हैं। महाआर्यमन पिछले कुछ वक्त से लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने के फैसले के दौरान महाआर्यमन के ट्वीट ने खासी सुर्खियां बंटोरी थीं। उन्होंने पिता के फैसले पर गर्व करते हुए ट्वीट किया था। यह पहला मौका था, जब सिंधिया घराने की चौथी पीढ़ी सियासी तौर पर मुखर नजर आई थी।

पीएम मोदी के साथ मंत्री गोपाल भार्गव व उनके बेटे अभिषेक भार्गव। (फाइल)

पीएम मोदी के साथ मंत्री गोपाल भार्गव व उनके बेटे अभिषेक भार्गव। (फाइल)

अभिषेक भार्गव- राजनीति में हो रहे सक्रिय
बीजेपी के कद्दावर नेता और शिवराज सरकार में PWD मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव मप्र की राजनीति सक्रिय हो गए हैं। पंचायत चुनाव में अभिषेक परिवारवाद की राजनीति पर सवाल खड़े कर सुर्खियों में रहे। अभिषेक ने कहा था कि पंचायत चुनाव में भी बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व द्वारा परिवारवाद पर बनी गाइडलाइन का पालन होना चाहिए। यदि पूर्व से ही किसी के परिवार में विधायक या सांसद है, तो फिर उस परिवार से किसी अन्य सदस्य को सरपंच, जनपद, या जिला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ाना चाहिए।

कैलाश विजयवर्गीय अपने विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय के साथ। (फाइल)

कैलाश विजयवर्गीय अपने विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय के साथ। (फाइल)

आकाश विजयवर्गीय- प्रदेश की राजनीति में सक्रिय
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। वो इंदौर से विधायक हैं। गाहे-बगाहे अपने बयानों और कारनामों को लेकर चर्चा में रहते हैं।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने बेटे सुकर्ण के साथ। (फाइल)

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने बेटे सुकर्ण के साथ। (फाइल)

सुकर्ण मिश्रा- बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे सुकर्ण मिश्रा ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सक्रिय हो चुके हैं। बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। वहीं, पिता की तरह वे लोगों के बीच जगह बना रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह के साथ। (फाइल)

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह के साथ। (फाइल)

देवेंद्र प्रताप सिंह- पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह भी राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं। देवेंद्र को अपने पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। भविष्य में देवेंद्र भी टिकट के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन बेटी मौसम बिसेन के साथ। (फाइल)

पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन बेटी मौसम बिसेन के साथ। (फाइल)

मौसम बिसेन- 2018 में की थी दावेदारी

बीजेपी के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में इन्होंने टिकट की दावेदारी की थी। पार्टी में उन्हें विरोध झेलना पड़ा था।

पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार अपने बेटे मुदित शेजवार के साथ। (फाइल)

पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार अपने बेटे मुदित शेजवार के साथ। (फाइल)

मुदित शेजवार- सांची सीट से उतारा था

साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने गौरीशंकर शेजवार की जगह उनके बेटे मुदित शेजवार को सांची विधानसभा से प्रत्याशी बनाया था, तब वे कांग्रेस प्रत्याशी प्रभुराम चौधरी से 10,571 वोटों से हार गए थे। कमलनाथ सरकार के तख्तापलट के दौरान चौधरी के भाजपा में आने के बाद उपचुनाव के लिए एकबार फिर मुदित का नाम चला, तो पार्टी के अंदर ही इनके खिलाफ माहौल बना था।

राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने बेटे आकाश सिंह के साथ। (फाइल)

राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने बेटे आकाश सिंह के साथ। (फाइल)

आकाश सिंह राजपूत- पिता के प्रचार का जिम्मा संभाला
कांग्रेस से बीजेपी में आए सिंधिया समर्थक व राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के छोटे बेटे आकाश राजपूत को उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। आकाश टीवी सीरियलों में काम कर चुके हैं। सुरखी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आकाश ने प्रचार का जिम्मा संभाला था।

मंत्री तुलसीराम सिलावट अपने बेटे नीतीश के साथ।

मंत्री तुलसीराम सिलावट अपने बेटे नीतीश के साथ।

नीतीश सिलावट- कोविड काल में रहे सक्रिय
सिंधिया समर्थक व शिवराज सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट के छोटे बेटे राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं। कोविड काल के दौरान वो काफी सक्रिय रहे।

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा नेता प्रभात झा और उनका बेटा तुष्मुल।

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा नेता प्रभात झा और उनका बेटा तुष्मुल।

तुष्मुल झा- राजनीति में देख रहे करियर
मप्र बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रभात झा के बेटे तुष्मुल झा भी राजनीति में अपना करियर देख रहे हैं।

बीजेपी में ऐसे नेताओं की लंबी लिस्ट है, जिनके परिजन राजनीति में सक्रिय हैं

  • पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा- सुरेंद्र पटवा (भतीजा), पूर्व मंत्री
  • पूर्व सांसद कैलाश सारंग- विश्वास सारंग (पुत्र), मंत्री
  • पूर्व विधायक सत्येंद्र पाठक- संजय पाठक (पुत्र), मंत्री
  • पूर्व सीएम वीरेंद्र कुमार सखलेचा- ओमप्रकाश सखलेचा, मंत्री
  • पूर्व सीएम बाबूलाल गौर- कृष्णा गौर (बहू), विधायक
  • पूर्व सीएम कैलाश जोशी- दीपक जोशी (पुत्र), पूर्व मंत्री
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत- जितेंद्र गहलोत (पुत्र), पूर्व विधायक
  • पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्रा- अर्चना चिटनीस (पुत्री), पूर्व मंत्री

PM मोदी ने वंशवाद को लेकर यह कहा था
पिछले दिनों हुई भाजपा संसदीय दल की मीटिंग में मोदी ने सांसदों से कहा कि अगर विधानसभा चुनाव में आपके बच्चों के टिकट कटे हैं, तो उसकी वजह मैं हूं। मेरा मानना है कि वंशवाद लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। PM ने कहा कि परिवारवाद से जातिवाद को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि कहा कि पार्टी में पारिवारिक राजनीति की इजाजत नहीं दी जाएगी। दूसरी पार्टियों की वंशवाद की राजनीति के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।

Ramswaroop Mantri

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