डॉ. प्रिया (पुडुचेरी)
*सरल :*हिन्दू होने के लिये हिन्दू के घर पैदा होना ज़रूरी नहीं।
दूसरे धर्म से घर वापसी करके भी हिन्दू हुआ जा सकता है।
हिन्दू होने के लिए पहली शर्त है खुद को हिन्दू मानना।
तैंतीस करोड़ देवी देवताओं को पूज कर भी आप हिन्दू हैं और नास्तिक होकर भी आप हिन्दू ही हैं।
आप तंत्रमार्गी होकर भी हिंदू हो सकते हैं, भक्तिमार्गी होकर भी, शाक्त होकर भी और शैव होकर भी, कबीरपंथी होकर भी और रैदासमार्गी होकर भी।
नाथ संप्रदाय के होकर भी आप हिन्दू हो सकते हैं और इन सब लफड़ों में न पड़ते हुए होली दिवाली मना कर भी आप हिन्दू हो सकते हैं।
सांस्कृतिक रूप से हिन्दू होना आसान है.
कठिन :
राजनैतिक रूप से हिन्दू होना बहुत कठिन है।
राजनैतिक रूप से हिन्दू होने के लिये :
आपको बहुत अधिक नफ़रत करने वाला जीव बनना होगा।
आपके मन में अगर मुसलमानों के प्रति दिल की गहराइयों तक नीली नीली नफरत नहीं है, तो आप राजनैतिक रूप से हिन्दू नहीं कहे जा सकते।
आपको मुस्लिम नरसंहार का समर्थन करना होगा। आपको इज़राइल के पक्ष में खड़े होकर ट्वीट करने होंगे और फिलिस्तीनियों की हत्या पर खुश होना होगा।
छोटे बच्चों की मौत पर आपको कहना होगा कि अच्छा हुआ जो एक संपोला मर गया। आपको तमाम वाट्सएप ज्ञान को गीता ज्ञान की तरह स्वीकार करना होगा।
आपको मानना होगा कि नेहरू पापी थे और गांधी की हत्या करके गोडसे ने पुण्य का काम किया है।
सावरकर की माफी को आप भूल जाइये। संघ और हिंदू महासभा ने अंग्रेजों से जो वफ़ादारी निभायी उसे आप याद नहीं रख सकते। अगर आप इतिहास को संघ भाजपा के एंगल से नहीं देख सकते, तो आप राजनैतिक रूप से हिन्दू नहीं माने जा सकते।
अगर आप भारतीय जनता पार्टी के तरफ़दार नहीं हैं तो आपको नकली हिन्दू बता दिया जायेगा, भले ही आप कितने ही ज्यादा धर्मप्राण क्यों न हों।
आपके मन में दलितों के लिये भी नफ़रत और ईर्ष्या होनी चाहिये। अगर आपके मन में दलितों के लिये दया है, तो आप राजनैतिक रूप से हिन्दू नहीं हो सकते।
राजनैतिक हिंदू बनने की ख़ातिर आपके लिये ज़रूरी है कि आप आरक्षण का विरोध करें और अंबेडकर के लिये मन में दुश्मनी और नफ़रत रखें।
ये हिन्दू नहीं हैं :
आम आदमी पार्टी में रह कर आप राजनीतिक रूप से हिन्दू नहीं हो सकते। कांग्रेस में रह कर हिन्दू होना तो संभव ही नहीं है। सपा-बसपा को तो जाने ही दीजिये और कम्युनिस्टों की तो बात ही मत कीजिये। इनके पार्टी प्रमुखों को हिन्दू मानने के लिये कोई तैयार नहीं है।
राहुल गांधी जनेऊधारी हिन्दू हैं, मगर भाजपा के ख़िलाफ़ हैं इसलिए हिन्दू नहीं हैं।
सोनिया गांधी ने हिन्दू बन कर हिंदू रीति से विवाह किया। हिन्दू विधवा की गरिमा निभायी, दूसरा विवाह नहीं किया, मगर वे ईसाई हैं।
दूसरे धर्म की कोई भी लड़की हिन्दू पद्धति से विवाह करके, मांग में सिंदूर भर कर हिन्दू हो सकती है, मगर सोनिया गांधी नहीं हो सकतीं,क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी की सदस्य नहीं हैं।
इनकी थ्योरी है कि नेहरू मुसलमान थे और राजीव, राहुल, सोनिया सब मुसलमान हैं। इनके विरोधाभास की बानगी देखिये कि दिवगंत संजय गांधी की विधवा मेनका गांधी हिन्दू हैं। राहुल मुस्लिम हैं, मगर उनके चचेरे भाई वरुण गांधी हिन्दू हैं, क्योंकि वे भाजपा में हैं।
अरविंद केजरीवाल और उनकी सात पुश्ते हिन्दू हैं, संजय सिंह, मनीष सिसौदिया सब हिन्दू हैं, मगर भाजपाई इन्हें हिन्दू नहीं मानते क्योंकि ये लोग दंगा नहीं करते और
मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत वाली बातें नहीं बोलते।
ममता बनर्जी को तो बंगाल चुनाव में ममता बेगम बोल दिया गया क्योंकि वे भाजपाई नहीं भाजपा के ख़िलाफ़ हैं। जबकि ममता बनर्जी बंगाली ब्राम्हण हैं। मगर इससे कुछ फ़र्क नहीं पड़ता।
हिन्दू केवल वही है, जो भाजपा में है। बाकी सब मुल्ले हैं, नकली हिन्दू हैं, पादरियों की औलादें हैं, पड़ोसी मुल्लों की नाजायज़ संतानें हैं।
जो भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ले, वह फौरन असली हिन्दू हो जाता है। भाजपा छोड़ते ही वह फिर किसी पड़ोसी मुल्ले की औलाद में तब्दील हो जाता है।
राजनीतिक रूप से हिन्दू होने के लिये आपको नफ़रती, मंदबुद्धि और भेड़चाल चलने में माहिर होना चाहिये।
अगर आप राजनीतिक रूप से हिन्दू नहीं हैं, तो आपको देश की किसी समस्या पर बोलने का कोई हक नहीं है। राममंदिर की चंदाचोरी पर भी आप नहीं बोल सकते। आप अस्पतालों की दुर्दशा पर नहीं बोल सकते, आप ऑक्सीजन की कमी पर नहीं बोल सकते।
सांस्कृतिक हिन्दू का काम है हिन्दू की तरह जिये और मर जाये। लेकिन अगर राजनीतिक रूप से हिन्दू होना हो, तो अक्ल पर ताला लगा कर चाबी भाजपा दफ्तर में या शाखाबाबू के पास जमा करानी होगी!
आठ साल से बहुमत लेकर राज करती मोदी सरकार से बस इतना-सा पूछना है :
01- कितने करोड़ युवाओं को रोजगार दिया?
02- गंगा मैया कितनी साफ हुई?
03- बुलेट ट्रेन के कितने कोच तैयार हुए?
04- मेक इन इंडिया का क्या परिणाम रहा?
05- कितने दागी नेता जेल गए?
06- धारा 370 पर क्या हुआ ?
07- कितने कश्मीरी पंडितों का घर मिला?
08- डीजल पेट्रोल कितना सस्ता हुआ?
09- मंहगाई कितनी कम हुई?
10- आम जनता के लिए क्या किया?
11- लाहौर और करांची पर कहां तक कब्जा किया?
12- सेना को कितनी छूट मिली?
13- चीन थर-थर कांपा क्या?
14- देश ईमानदार देशों की श्रेणी में आ गया?
15- स्टार्ट-अप इंडिया का क्या हाल है?
16- जवानों का खाना सुधरा क्या?
17- बिहार को 175 लाख करोड़ का पैकेज मिला?
18- अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं बंद की क्या?
19-भ्रष्टाचार मिटाने के लिये जो वायदे किये गये थे, कोई पूरा हुआ क्या?
20- मोदी के विदेशी दौरों से क्या मिला?
21- ट्रम्प की गुलामी करने और नमस्ते ट्रम्प से क्या मिल गया?
22- गुलाबी क्रांति गौ हत्या रुकी क्या?
23- डॉलर का मूल्य रुपये के मुकाबले कितना कम हुआ?
24- कितने स्मार्ट सिटी तैयार हो गये?
25- सांसद आदर्श ग्राम योजना में कितने गांव खुशहाल हुए?
26- महिलाओं पर अत्याचार रुक गया क्या ?
27- बीफ एक्सपोर्ट में भारत को एक नम्बर किसने बनाया?
28- 100 दिन में विदेशों से काला धन आया क्या?
30- नोटबन्दी से आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर टूट गयी क्या?
31- देश में घूसखोरी बंद हो गयी क्या?
32- देश में कितनी खुशहाली आयी ?
33- स्वच्छता अभियान कितना सफल रहा?
- देश में तनाव बढ़ने से किसको लाभ हुआ?
- देश का कितना विकास हुआ?
- टैक्स सुधार कितना हुआ?
- इंस्पेक्टर राज कितना कम हुआ?
- बैंकों का अरबों डकारने वाले कितने लुटेरे पूंजीखोर जेल गये?
- पार्टी के नाम पर काली कमाई वाले कितने नेता जेल गये?
- कितने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल खुले?
- हिंदी का उपयोग कितना बढ़ा?
- सिंचाई की सुविधा कितनी बढ़ी?
- किसानों की आत्महत्या रुक गयी क्या?
- कितने नये वैज्ञानिक प्रयोग हुए?
- सबको आवास मिल गया?
- अदालतों में कितने जज बहाल हुए?
- भारत कितने दिन में विश्वगुरू बनेगा?
- कॉमन सिविल कोड लागू हो गया?
- बलूचिस्तान को भारत में मिला लिया?
- नेपाल से रिश्ते अच्छे हुए, कि ख़राब?
- देश की इकॉनोमी कैशलेस हो गयी?
- हिन्दू तिथि से नववर्ष को सरकारी मान्यता मिल गयी?
- कितने बांगलादेशी खदेड़े गये?
- 15-15 लाख खाते में आये क्या?
🌀चेतना विकास मिशन :





