शादी के लेकर हर किसी के दिल में तमाम अरमान होते हैं। लेकिन जब हालात विपरीत होते हैं तो इसका मजा किरकिरा हो जाता है। मध्य प्रदेश के खरगोन में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। रामनवमी के बाद भड़की हिंसा के बाद शहर अशांत हो गया। प्रशासन ने यहां कर्फ्यू लगा दिया। इसके चलते शादियों के सीजन में यहां रौनक नदारद है। प्रशासन द्वारा मिली छूट के दौरान में एक शादी बिना धूमधाम के ही संपन्न हुई।
डीजे और घोड़ी चढ़ने की परमिशन नहीं
तालाब चौक निवासी अमन वर्मा ने कभी सोचा भी नहीं रहा होगा कि उसे ऐसे हालात में शादी रचानी पड़ेगी। अमन की शादी खरगोन से लगभग 35 किलो मीटर दूर कसरावद में होनी है। अमन को शादी की इजाजत तो मिल गई, लेकिन डीजे बजाने और घोड़ी चढ़ने की परमिशन नहीं मिली। प्रशासन ने उसे शहर के बाहर से गाड़ी पर सवार होकर दुल्हन के घर जाने की अनुमति दी थी। ऐसे में दूल्हे अमन को बिना घोड़ी चढ़े ही पैदल अपनी दुल्हन को लेने शहर के बाहर तक जाना पड़ा। बता दें कि आज जिला प्रशासन ने सुबह 8 बजे से 12 बजे तक चार घंटे तक कर्फ्यू में ढील दी थी। इसी दौरान दूल्हा अमन अपने घरवालों के साथ शादी करने निकला।
दूल्हे ने कहा जिंदगी भर रहेगा मलाल
दूल्हे अमन वर्मा ने बताया कि कर्फ्यू के कारण बाहर से परिजन और दोस्त शादी में नहीं आ पाए। अमन के मुताबिक जैसे हालात हैं, उनमें प्रशासन ने बारात निकालने की परमिशन नहीं दी है। मैंने और परिवार वालों ने शादी को लेकर बहुत सपने देखे थे। अरमान था कि शादी धूमधाम से होगी। दोस्त नाचेंगे, रिश्तेदार रस्में निभाएंगे, लेकिन अब यह सब हो नहीं पा रहा है। इसका मलाल तो पूरी जिंदगी रहेगा।





