मुंबई
महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा को लेकर चल रहे विवाद के बीच पहली बार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा पढ़ना है तो घर पर आकर पढ़िए, दादागीरी करने वालों से हमें निपटना आता है।
सीएम ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, ‘हनुमान चालीसा पढ़ने का एक तरीका होता है, लेकिन दादागीरी मत करिए। अगर ऐसा करेंगे तो बाला साहब ने सिखाया है कि दादागीरी से कैसे निपटना है।’ उद्धव ने आगे कहा कि हम घंटाधारी हिंदुत्व नहीं, गदाधारी हिंदुत्व का पालन करते हैं।
मैं जल्द ही एक रैली करूंगा, जहां सबकी खबर ली जाएगा। ये कमजोर हिंदुत्ववादी आए हैं। ये नकली नए हिंदुत्ववादी हैं। इनके बीच स्पर्धा चल रही है कि इसकी कमीज मुझसे ज्यादा भगवा कैसे? कुछ लोगों के पेट मे एसिडिटी हो गई है। उन्हें कोई काम नहीं है। बिना काम के भोंगे बजाना ही उनका काम है। मैं उन्हें तवज्जो नहीं देता।

हाईकोर्ट ने राणा दंपति की दूसरी FIR रद्द करने से मना किया
महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा को लेकर चल रहे विवाद में राणा दंपती को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने अपने खिलाफ दर्ज दूसरी FIR (आईपीसी की धारा 353) को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसे अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। एफआईआर खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
राणा दंपति को 23 अप्रैल को अरेस्ट किया गया था। इस दौरान उन पर राजद्रोह(आईपीसी की धारा 124 A) और धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में दोनों 6 मई तक न्यायिक हिरासत में हैं। इसी दिन मुंबई पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 (सरकारी काम में बाधा) के तहत एक और केस दर्ज किया था। इसी दूसरी FIR को रद्द करने की मांग को लेकर आज उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। पहली FIR को रद्द करने की मांग को लेकर राणा दंपति ने सेशंस कोर्ट का रुख किया है, जिस पर कल सुनवाई होगी।
आज की सुनवाई के दौरान उनके वकील रिजवान मर्चेंट ने बताया कि दूसरी FIR में अभी राणा दंपति की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पहले मामले में अगर उन्हें जमानत मिल जाती है तो मुंबई पुलिस उन्हें दूसरे मामले में अरेस्ट कर लंबे समय तक जेल में रखने की प्लानिंग कर रही है। इस पर अदालत ने कहा कि दूसरे मामले में गिरफ्तारी से पहले पुलिस को उन्हें 72 घंटे पहले बताना होगा।
वडेट्टीवार ने राणा दंपती को दीं भद्दी गालियां
इससे पहले दिन में मंत्री विजय वडेट्टीवार ने चंद्रपुर में आरोग्य शिविर कार्यक्रम में कहा कि नवनीत राणा और रवि राणा ने इस वक्त देश में अशांति का माहौल पैदा कर दिया है। मुंबई में जानबूझकर बखेड़ा करते हुए अशांति फैलाई है और लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन खड़ी की है, इनका क्या मकसद है पता नहीं।

वडेट्टीवार ने आगे कहा, ‘नवनीत कहती हैं मुख्यमंत्री को हनुमान चालीसा पढ़ना ही चाहिए, अगर वो नहीं पढ़ेंगे तो हम मातोश्री जाकर उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ाएंगे। अरे तेरे बाप का क्या जाता है? तुझे जो बोलना है बोल, जहां पढ़ना है जाके पढ़, लेकिन नहीं-नहीं उद्धव ठाकरे को बोलना चाहिए। तेरे बाप का नौकर है क्या? ऐसे नीच, चोट्टे और ह**मी लोग, क**ने लोग इस देश में हैं और आपस में झगड़ा करवाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़वा रहे हैं। हर घर में हनुमान चालीसा है, लोग पढ़ते हैं। हिंदू धर्म में शादी के पहले हनुमानजी का दर्शन करते हैं।’
‘न पानी पीने दिया, न बाथरूम जाने दिया: नवनीत की स्पीकर को चिट्ठी
इस बीच अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिडला को एक चिट्ठी लिख मुंबई पुलिस और जेल प्रशासन पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति से आने के कारण जेल में उन्हें न पानी दिया गया और न ही वाशरूम का इस्तेमाल करने दिया जा रहा है।

इस चिट्ठी में सांसद नवनीत राणा ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
नवनीत राणा ने अपनी चिट्ठी में लगाए यह गंभीर आरोप
- अपनी चिट्ठी में नवनीत राणा ने लिखा-यह मेरा ईमानदार और सच्चा विश्वास है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना स्पष्ट कारणों से अपने स्पष्ट ‘हिंदुत्व’ सिद्धांतों से पूरी तरह से भटक गई है। इन्होंने सार्वजनिक जनादेश को धोखा दिया है और कांग्रेस-एनसीपी के साथ चुनाव के बाद गठबंधन किया।
- मैंने शिवसेना में हिंदुत्व की लौ को फिर से जगाने की सच्ची आशा के साथ घोषणा की थी कि मैं मुख्यमंत्री के आवास पर जाऊंगा और उनके आवास के बाहर “हनुमान चालीसा” का जाप करुंगी। यह किसी धार्मिक तनाव को भड़काने के लिए नहीं था। वास्तव में, मैंने मुख्यमंत्री को “हनुमान चालीसा” के जाप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। मैं दोहराती हूं कि मेरी कार्रवाई मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं थी।
- हालांकि, इसे देखते हुए कि मेरे कार्य से मुंबई में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती हैं, मैंने सार्वजनिक रूप से उक्त अभ्यास से पीछे हटने का निर्णय लिया और घोषणा की कि मैं सीएम आवास नहीं जाउंगी। मैं अपने पति विधायक रवि राणा के साथ अपने घर में कैद थी।
- मुझे 23.04.2022 को खार पुलिस स्टेशन ले जाया गया और इस दिन मैंने पुलिस थाने में रात बिताई। मैंने रात भर पीने के पानी के लिए कई बार मांग की, लेकिन पूरी रात मुझे पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया।
- यह मेरे लिए शॉक का विषय था कि वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने मुझसे कहा कि मैं अनुसूचित जाति की हूं और इसलिए वे मुझे एक ही गिलास में पानी नहीं देंगे। इस प्रकार, मुझे मेरी जाति के आधार पर सीधे तौर पर प्रताड़ित किया गया और केवल इस कारण से मुझे पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया।
- मैं फिर जोर देकर कहता हूं कि पानी पीने जैसे बुनियादी मानवाधिकारों से मुझे इस आधार पर वंचित किया गया था कि मैं अनुसूचित जाति (नीची जात) से हूं। इसके अलावा, जब मैं रात में बाथरूम का उपयोग करना चाहती थी, तो पुलिस कर्मचारियों ने मेरी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। मुझे फिर से सबसे गंदी भाषा में गाली दी गई। मुझे बताया गया कि हम नीची जात यानी अनुसूचित जाति के लोगों को अपने बाथरुम का उपयोग नहीं करने देते हैं।

सांसद नवनीत राणा को भायखला और रवि राणा को तलोजा जेल में रखा गया है।
6 मई तक जेल में बंद रहेंगे राणा दंपती
हनुमान चालीसा विवाद में गिरफ्तार होने के बाद राणा दंपती 6 मई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। उनकी जमानत अर्जी पर 29 अप्रैल को सुनवाई होनी है। दोनों पर राजद्रोह का केस दर्ज है। आज भी महाराष्ट्र के कई शहरों में राणा दंपती के खिलाफ प्रदर्शन होने वाले हैं।

राउत द्वारा सोशल मीडिया में सार्वजानिक की गई नवनीत राणा की बर्थ जांच रिपोर्ट।
राउत ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट की रिपोर्ट सार्वजानिक की
इस पूरे विवाद के बीच शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने नवनीत राणा के बर्थ सर्टिफिकेट की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उन पर फेक सर्टिफिकेट के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप लगाया है।
PM के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहती हैं NCP कार्यकर्ता
इस विवाद के बीच NCP कार्यकर्ता फहमीदा हसन ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हनुमान चालीसा और दुर्गा पाठ करना चाहती हैं। इस बाबत उन्होंने उन्होंने देश के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अनुमति और समय मांगा है।

फहमीदा हसन के साथ सैकड़ों लोग PM आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पत्र को ट्वीट भी किया है।
PM को नींद से जगाना जरूरी
फहमीदा हसन ने कहा कि वह हमेशा अपने घर में हनुमान चालीसा और दुर्गा पूजा करती हैं, लेकिन जिस तरह से देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। उसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नींद से जगाना जरूरी हो गया है।
फहमीदा का कहना है कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास स्थान मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने से रवि राणा और नवनीत राणा को महाराष्ट्र का फायदा दिख रहा है तो देश का फायदा करवाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर जाकर हनुमान चालीसा और दुर्गा पाठ करना जरूरी है।





