राजेन्द्र चतुर्वेदी
अपनी किताब-‘ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू धर्म में’ धर्म सम्राट करपात्री महाराज ने बहुत मार्के की बात लिखी है।
पेज नंबर 14 में पूजनीय धर्म सम्राट लिखते हैं-
सनातन धर्म, जिसे आरएसएस के लोग हिन्दू धर्म कहकर पुकारते हैं, उसे सबसे ज्यादा डर आरएसएस से है।
मुसलमानों से हिन्दू धर्म को मात्र इतना भय है कि जब कोई हिन्दू मुसलमान बनना चाहेगा, तो मुसलमान उसे भगाएंगे नहीं कि जा तूं अपने ही धर्म में रह। बल्कि उसे अपना लेंगे।
ईसाइयों से हिंदुओं को बस इतना भय हो सकता है कि वे किसी हिन्दू को ईसाई बना लेंगे।
सिखों और बौद्धों से हिंदुओं को बस इतना डर हो सकता है कि वे किसी हिन्दू को अपने धर्म में समाहित कर सकते हैं, और हिंदुओं की पूजा पद्धति पर सवाल उठा सकते हैं।
जैनों से हिन्दुओं को बस इतना डर है कि वे हमारी तामसिक पूजा पद्धति पर सवाल उठा सकते हैं, उसे बुरा बता सकते हैं।
हिन्दू धर्म को सबसे ज्यादा भय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है।
हिन्दू धर्म के तीन प्रमुख मानदण्ड हैं, ग्रंथ, सन्त और संस्कार। आरएसएस वाले इन तीनों ही मानदंडों को ध्वस्त कर देंगे। सन्त और संन्यासी समाज को सावधान करते रहें।
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हम देख रहे हैं कि आज देश में हनुमान चालीसा की बेइज्जती करने का एक दौर शुरू हो गया है।
कोई भी किसी भी स्थिति में और कहीं भी हनुमान चालीसा का पाठ करने लग रहा है।
हनुमान चालीसा को बांचने की तो बात छोड़ ही दीजिए, उसे स्पर्श करने के भी नियम बनाये गए हैं।
जब हम ये धतकरम देखते हैं तो धर्म सम्राट से सहमत हुए बिना रह नहीं पाते।
सनातन धर्म को अगर किसी से सबसे ज्यादा खतरा है तो वह है आरएसएस।
राजेन्द्र चतुर्वेदी





