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हिटलर की तरह नफरत की खेती करती मोदी सरकार !  

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निर्मल कुमार शर्मा,

मोदीजी वर्ष 2014 में इस देश की 1अरब 35 करोड़ जनता से उसके अच्छे दिन लाने,हरेक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने, प्रतिवर्ष 2करोड़ युवा बेरोजगारों को रोजगार देने और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने आदि के लोकलुभावन वादे के साथ सत्ता में आए थे,लेकिन बाद में मोदी सरकार के ही गृहमंत्री श्री अमित शाह के अनुसार ‘मोदीजी द्वारा किए गए उक्त सारे वादे भारत की धर्मभीरू और भोली जनता के वोट लेने के लिए केवल जुमलेमात्र मतलब एकदम झूठे थे ! ‘

          ऐसे झूठे और जुमलेबाज मोदीजी द्वारा वर्ष 2014 के 26 मई को शाम को 6 बजे शपथग्रहण करके सरकार बनाने वाली मोदी ऐंड कंपनी सरकार को सत्ता में आए केवल 1दिन बाद ठीक 8 वर्ष हो जाएंगे,इन बीते 8वर्षों के एकएक दिन का ध्यानपूर्वक विश्लेषक करने पर इस बात को पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा जा सकता कि मोदी सरकार इस अत्यंत गरीब देश के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और समस्याओं मसलन भूख,गरीबी,अशिक्षा,बेरोज़गारी,भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए कुछ भी नहीं किया है,जबकि भारतीय जनता और समाज के लिए उक्त वर्णित समस्याएं जीवनमरण जितनी ही ज़रूरी हैं !  

            लेकिन अपनी पितृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद भी प्रतिदिन यहां की धर्मभीरू और भोलीभाली जनता की मूल समस्याओं से भटकाने और नयेनये जुमले यथा राष्ट्रवाद, वंदेमातरम् ,कथित हिन्दू राष्ट्र,विश्वगुरु,योगगुरु, आध्यात्मिक गुरु बनाने,सर्जिकल स्ट्राइक करने,पुलवामा में प्रायोजित नाटक करके 40जवानों को मौत के घाट उतार देने,सरदार पटेल की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने,स्मार्ट सिटी बनाने,बुलेट ट्रेन बनाने,नाजुक हिमालयी परिस्थिति तंत्र को सत्यानाश करते हुए भारत की धर्मभीरू जनता के विचारों का दोहन करने के लिए कथित चारधाम सड़क बनाने, विरोधी विचार धारा के लोगों को देशद्रोही घोषित करने,कुछ गुंडों और असामाजिक तत्वों द्वारा कथित धर्मसंसद बनाकर खुलेआम अल्पसंख्यकों और मुसलमान महिलाओं से बलात्कार करने और उनकी हत्या करने के फतवे जारी करने,दलितों,अल्पसंख्यकों और देशहित में काम करने वाले वकीलों,लेखकों, पत्रकारों,प्रोफेसरों आदि को मिथ्यारोप लगाकर उन्हें जेलों में सड़ाने और उन्हें मौत के घाट उतारने आदिआदि बहुत से उदाहरण दिए जा सकते है !

              धार्मिक उन्माद फैलाकर अपने पालतू गुंडों द्वारा अल्पसंख्यकों,दलितों,आदिवासियों की जघन्यतम् हत्या या माबलिंचिंग करवाने, अनावश्यक नोटबंदी,जीएसटी,लाकडाउन लगाने,मजदूरों के खिलाफ कथित श्रमसुधार कानून बनाने,भारतीय कृषि को तबाही के कगार पर ले जाने और अपने अडानी जैसे मित्र के फायदे के लिए तीन काले कृषि कानून बनाने, किसानों की आमदनी दोगुनी कर देने,भारत की अर्थव्यवस्था 5ट्रिलियन डालर बनाने,सभी सरकारी संस्थानों का निजीकरण करने,इस देश में लाखों मंदिरों के रहते अयोध्या में बाबर द्वारा बनवाई गई मस्जिद के ठीक नीचे साजिश करके रामजन्म भूमि घोषित करके वहां भव्य मंदिर बनवाने,रिजर्व बैंक से जबरन उसके संचित धन को हड़पने आदिआदि बहुत से अनावश्यक और निरर्थक बहाने करके भारतीय जनता को उसमें उलझाकर मूल समस्याओं से ध्यान सफलतापूर्वक भटकाने में अब तक पूरी तरह सफल रहे हैं ! ऐसे सैंकड़ों उदाहरण हैं !

          अब इस देश की हालत यह हो गई है कि  बीजेपी द्वारा पालित लाखों आईटी सेलवाले चमचे और अर्थपोषित युवक इस देश के करोड़ों लोगों के वॉट्सएप पर चौबीसों घण्टे मुसलमानों के खिलाफ नफरती मैसेज भेजकर हर दिन उनका इस कदर ब्रेन वॉश कर चुके हैं कि अब हर कोई धर्मांध और मूढ़ हिन्दू अपने हाथ में लाठी,चाकू या तलवार जैसे हथियार लेकर किसी मुसलमान को कथित गौहत्या के शक में या मुसलमान होने मात्र के शक में मार देने को सदैव तत्पर रहने लगे हैं या किसी भोलेभाले,निर्दोष आदिवासी युवकों,युवतियों या बुजुर्गों को कथित नक्सली घोषित कर उन्हें पीटपीटकर हत्या कर देते हैं या किसी दलित युवक को अपनी शादी में घोड़े पर बैठने या मूंछ रखने या मरी गाय के चमड़े छीलने या मेज पर बैठकर खाना खा लेने के कथित गंभीरतम् अपराध में निर्ममता पूर्वक हत्या कर देते हैं ! अभी पिछले दिनों मध्यप्रदेश के मनासा नामक स्थान पर बीजेपी के दिनेश कुशवाहा नामक गुंडे और नरपिशाच ने एक 65 वर्षीय शारीरिक रूप से अत्यंत कमजोर और मानसिक रूप से विक्षिप्त एक हिन्दू जैन बुजुर्ग व्यक्ति की मुसलमान समझकर ही पीटपीट कर हत्या कर दिया है ! हैवानियत का ये आलम है कि इस नरपिशाच बीजेपी के गुंडे नेता ने उस मानसिक रूप से विक्षिप्त बुजुर्ग को पीटपीट कर मारने की हैवानियत भरी घटना की खुद ही विडियो बनाकर सोशल मिडिया पर उसे वायरल भी कर दिया !

                   मिडिया और पुलिस के अनुसार मृतक श्री भंवरलाल जैन रतलाम जिले के सरसी गांव के रहने वाले थे,वे अपने परिवार के साथ 15 मई को चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित भैरो मंदिर में पूजा करने के लिए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले पर गये थे। उनके परिवार के सभी लोगों ने पूर्णिमा के दिन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले पर भैरो पूजन किया। मानसिक विक्षिप्तता की वजह से दूसरे दिन 16 मई को दोपहर 12 बजे भंवरलाल अपने परिजनों से बिछुड़ गए और उस किले से नीचे उतर गए। परिजनों ने उन्हें काफी ढूंढा,लेकिन वे कहीं नहीं मिले। परिवार वालों को लगा की शायद वे बस में बैठकर अकेले ही घर चले गए होंगे। अपने घर के आसपास भी ढूंढा,लेकिन वे कहीं भी नहीं मिले,उनके कहीं नहीं मिलने पर स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

          गुरुवार मतलब 19-5-2022 को मृतक भंवरलाल जैन का शव मनासा में पुलिस थाने से मात्र आधा किमी दूर रामपुरा रोड पर मिला था। कुछ ही समय पश्चात बीजेपी के एक छुटभैये नेता ने सोशल मिडिया पर उस मानसिक रूप से 65 वर्षीय विक्षिप्त बुजर्ग के मरते हुए एक वीडियो वायरल किया ! इस वीभत्स विडियो में उक्त दिनेश कुशवाहा ने भंवरलाल जैन से बारबार अपना आधारकार्ड दिखाने और उनका नामपता पूछता नजर रहा है ! इस पर उस मानसिक रूप से कमजोर भंवरलाल जैन के मुंह से मोहम्मद शब्द निकल गया। यह सुनकर यह नरभक्षी बीजेपी नेता उन पर बुरी तरह टूट पड़ा है। उन्हें इतना मारा है कि उस बुजुर्ग व्यक्ति ने अपना दम तोड़ दिया है ! इस घटना की वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। ज्ञातव्य है कि उन 65 वर्षीय बुजुर्ग को मुसलमान समझकर नृशंसता पूर्वक हत्या करनेवाले नरपिशाच दिनेश कुशवाहा बीजेपी के स्थानीय नगर में भाजपा युवा मोर्चा और नगर इकाई में पदाधिकारी रहा है। उसकी पत्नी मनासा नगर परिषद में वार्ड नंबर 3 से भाजपा की पार्षद रही है

          मृतक भंवरलाल जैन के भाई का कहना है कि भंवरलाल जैन भोलेपन के कारण कुछ बता नहीं पाए होंगे। उनके शव के पोस्टमॉर्टम के वक्त उनके शरीर पर मारपीट के निशान भी थे। ज्ञातव्य है इस देश में आजकल लगातार ऐसे कई मामले सामने रहे हैं जहां लोगों को सिर्फ शक के आधार पर पीटपीट कर मौत की नींद सुला दिया जा रहा है। चूंकि मारनेवाले गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए ये बेखौफ होकर निरपराध लोगों के साथ इस तरह मारपीट करके  कानून तक को अपने हाथ में ले रहे हैं। कई मामलों में पुलिस या तो एफआईआर ही दर्ज नहीं करती या उल्टा पीड़ित को ही जेल में डाल देती है ! भंवरलाल जैन मामले में भी चूंकि आरोपी बीजेपी का नेता था इसलिए पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बचती रही ! बाद में मुश्किल से एफआईआर दर्ज की गई। जैन समाज और परिजनों की शिकायत पर आरोपी दिनेश कुशवाहा पर धारा 302 और 304/2 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। 

         किसानों के हत्यारे शिवराज सिंह चौहान को तिकड़मबाजी से मध्यप्रदेश राज्य के पुनः मुख्यमंत्री बनाने के बाद मध्य प्रदेश में आखिर ये हो क्या रहा है ?सिवनी में आदिवासियों की पीटपीटकर हत्या,गुना,महू,मंडला आदि में आदिवासियों के साथ की गई अतिक्रूरता की  घटनाएं और अब नीमच जिले के मनासा में एक बुजुर्ग व्यक्ति,जिनका नाम भंवरलाल जैन बताया जा रहा है,की पीटपीटकर हत्या !’

              माबलिंचिंग में मारे जाने वाले ज्यादातर आदिवासी,दलित और मुसलमान ही क्यों

             मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2010 से जून 2017 तक गोहत्या और बीफ के मामलों को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में हिंसा की 63 घटनाएं हुईं, इन मामलों में कुल 28 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया और 124 घायल हुए,मॉब लिंचिंग की 51 फीसदी घटनाओं में अधिकतर मुसलमानों को भीड़ की हिंसा का सामना करना पड़ा ! 7 साल के भीतर मारे गए कुल लोगों में से 24 मृतक मुस्लिम धर्म के थे !  

               कितने दु: और हतप्रभ करनेवाली बात है कि वर्ष 2014में मोदीजी के सत्ता में आने से पूर्व माब लिंचिंग शब्द का वजूद ही नहीं था ! बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर,इसके जवाब में बीजेपी देश को कांग्रेस के समय में वर्ष 1984 में हुए सिख दंगों की याद दिला रही है ! कितने राष्ट्रीय शर्म और खेद की बात है कि बीजेपी के प्रवक्ता और नेता अपने कुकर्मों, हत्यायों,दंगों और अपराधों को न्यायोचित ठहराने के लिए बेशर्मी और ढिठाई से अपने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के समय के दुराचारों को सामने रखकर नज़ीर देते हैं किकांग्रेसियों के समय में तो इससे भी बड़ी इस तरह की घटनाएं हुईं हैं ! ‘ क्या बेहूदा फूहड़ तर्क है ! तो आखिर मोदी जैसे लोगों का इस देश की समस्त जनता कोसुशासन, भ्रष्टाचार मुक्त भारत और अच्छे दिन लाने के वादोंका कोई औचित्य रह जाता है ? फिर भ्रष्टाचार में संलिप्त कांग्रेस और कथित सुशासन देनेवाली बीजेपी में क्या अंतर है ?

 अबतक का सबसे अतिअसंवेदनशील प्रधानमंत्री मोदीजी !

             सबसे चिंताजनक बात यह है कि देश को बारबार अपने मन की बात या बकवास सुनाने वाले मोदीजी एक तरफ क्रिकेट खिलाड़ियों और फिल्मी हिरोइनों को जरा सी चोट लगने पर भी उनका अविलंब कुशलक्षेम पूछते हैं,लेकिन भंवरलाल जैन,पहलू खान सरीखे सैकड़ों निरपराध लोगों की कुछ गुंड़ों द्वारा निर्ममता पूर्वक हत्या कर दिए जाने पर मोदीजी उनके लिए एक शब्द तक नहीं बोलते ! वास्तविकता यह है कि दलितों,आदिवासियों और मुसलमानों के प्रति की जा रही हिंसा और मारपीट बीजेपी और उसकी पितृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोचीसमझी साजिश और सुचिंतित एजेंडा के बाद ही जानबूझकर अपने पालित गुंडों से कराई जाती है ! हकीकत यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के कथित चिंतन शिविरों में कोई देशहित और भारतीय समाज के अमनशांति की बातें नहीं होतीं,अपितु इस देश और यहां के समाज में किस प्रकार वितंडा खड़ा करके कैसे दंगेफसाद फैलाया जाय,इसी तरह की षड्यंत्र ही रचा जाता है !

               अभीअभी मध्यप्रदेश राज्य के गृहमंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा का एक बयान आया है किमध्यप्रदेश के नीमच शहर में मुसलमान समझकर एक 65वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त बुजुर्ग की हत्या करनेवाला बीजेपी कार्यकर्ता भी मानसिक रोगी है ! ‘अब प्रश्न है कि एक व्यक्ति की हत्या करनेवाला यह बीजेपी कार्यकर्ता मानसिक रोगी है,तो गुजरात दंगों में हजारों बेगुनाह लोगों की जघन्यतम् हत्या करवाने वाले मास्टर माइंड श्रीयुत् श्री नरेन्द्र दास दामोदरदास मोदीजी और अमित शाह जैसे लोग मानसिक रूप से स्वस्थ्य कैसे कहें जा सकते हैं ? यक्षप्रश्न है कि सत्यपरक बात मात्र कह देने मात्र से ही इन 5 प्रतिशत संख्या वालों कथित उच्च जातियों की धार्मिक आस्था आदि आहत हो जाती हैं,लेकिन 85प्रतिशत कथित शूद्र कहीं जाने वाली जातियों और अल्पसंख्यकों की हत्या,उनकी माबलिंचिंग,उनकी बेटियों से बलात्कार जैसे कुकृत्य जब यही 5 प्रतिशत वालों के गुंडे कर रहे हैं,तब उस स्थिति में क्या इन 85 प्रतिशत कथित शूद्रों और अल्पसंख्यकों की धार्मिक आस्थाएं और भावनाएं आहत नहीं होतीं ?

                आज से ठीक 77साल पहले जर्मनी का कुख्यात नरपिशाच,फासिस्ट,नात्सी,तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने यहूदियों का जिस प्रकार सामूहिक नरसंहार करने से पूर्व उनकी दुकानों, मकानों को उजाड़ने लगा था,उनमें आग लगाने लगा था,हत्याएं करने लगा था,उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने लगा था,ठीक उसी के नक्शे कदम पर मोदीजी और उनके आका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भी किया जा रहा है,अंतर केवल किरदार में हैं,जर्मनी में वे किरदार यहूदी थे,भारत में वही भूमिका मुसलमान के रूप में हैं ! इसलिए इन मानसिक रूप से रोगियों,दंगाइयों,हत्यारों, फ़ासिस्टों व्यभिचारियों, विलासियों,वहशियों, असंवेदनशील,क्रूर,अमानवीय,मानवेत्तर लोगों को,जो भारत की केन्द्रीय राज्यों की सत्ता पर अपने जुमलेबाजियों,तिकड़मों,धोखेबाजियों और छलबल से सत्ता पर कब्जा जमाने में सफल हो गए हैं,उन्हें इस देश,इस राष्ट्रराज्य और यहां की गरीब जनता के हित में सत्ता से पड़ोसी देश श्रीलंका की तरह तुरंत बेदखल करना बहुत जरूरी हो गया है !

             –निर्मल कुमार शर्मा, ‘गौरैया एवम पर्यावरण संरक्षण तथा पत्रपत्रिकाओं में वैज्ञानिक, सामाजिक,आर्थिक,पर्यावरण तथा राजनैतिक विषयों पर सशक्त निष्पृह लेखन ‘,प्रताप विहार, गाजियाबाद, उप्र

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