
बीते दिन जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जापान जैसे तरक्कीपसंद देश से इस तरह की खबर ने पूरी दुनिया को हैरान करके रख दिया। इसके साथ ही ग्लोबल लीडर्स की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न भी लगा दिया है। ऐसे में हम आपको दुनिया के उन चुनिंदा लीडर्स के बारे में बताते हैं कि जिनकी हत्या ने दुनिया को स्तब्ध कर दिया था।
जॉन एफ कैनेडी
अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति रहे जॉन एफ कैनेडी को अपनी कई खूबियों की वजह से आज भी याद किया जाता है। 43 साल की उम्र में राष्ट्रपति चुने जाने वाले कैनेडी को अमेरिका के दूसरे सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति के तौर पर जाना जाता है।
1963 में कैनेडी की हत्या अमेरिका के टैक्सास राज्य के डलास में उस वक्त कर दी गई, जब वे एक ओपन कार से जा रहे थे। कैनेडी को गोली मारने वाला पूर्व मरीन ली हार्वी ओसवाल्ड था। ओसवाल्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन दो दिन बाद ही कैनेडी के एक समर्थक ने ओसवाल्ड की भी हत्या कर दी। इस घटना ने अमेरिका के साथ पूरी दुनिया में खलबली मचा दी थी।

जॉन एफ कैनेडी और उनकी पत्नी जैकलीन कैनेडी
इंदिरा गांधी
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दो बॉडीगार्ड्स, बेअंत सिंह और सतवंत सिंह, ने 31 अक्टूबर 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। ये दोनों इंदिरा द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से कथित तौर पर नाराज थे। इस हत्याकांड में एक तीसरा शख्स भी शामिल था, जिसका नाम था केहर सिंह। केहर, हालांकि, इंदिरा पर गोली चलाने में शामिल नहीं था, लेकिन उसे इस हत्या के साजिश रचने का दोषी पाया गया था।
बेअंत सिंह को इंदिरा पर गोलियां चलाने के बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने वहीं ढेर कर दिया था। सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सेना की मदद से इंदिरा द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में सैकड़ों लोग मारे गए थे।

इंदिरा गांधी
राजीव गांधी
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को आत्मघाती हमले में हत्या हुई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी। इस वजह से तमिल विद्रोही संगठन LTTE, यानी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम उनसे नाराज चल रहा था। 1991 में जब लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरम्बदूर गए तो वहां LTTE ने राजीव पर आत्मघाती हमला करवाया।
राजीव को फूलों का हार पहनाने के बहाने लिट्टे की महिला आतंकी धनु (तेनमोजि राजरत्नम) आगे बढ़ी। उसने राजीव के पैर छूए और झुकते हुए कमर पर बंधे विस्फोटकों में ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना जबर्दस्त था कि कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। राजीव और हमलावर धनु समेत 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

राजीव गांधी
अब्राहम लिंकन
1865 में 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की हत्या कर दी गई थी। उस समय वे वाशिंगटन के फोर्ड थियेटर में ‘अवर अमेरिकन कजिन’ नाटक देख रहे थे। घटना के समय बालकनी में बैठे लिंकन के सुरक्षागार्ड ‘जॉन पार्कर’ उस वक्त उनके साथ नहीं थे।
गोली मारने वाला जॉन वाइक्स बूथ पेशेवर नाट्यकर्मी था। रात सवा दस बजे मौका देखकर जॉन ने लिंकन को सिर पर पीछे से गोली मार दी। लिंकन को अस्पताल ले जाया गया, जहां अगली सुबह, यानी 15 अप्रैल को उनका निधन हो गया। लिंकन को गोली मारने वाले जॉन वाइक्स बूथ को दस दिन बाद अमेरिकी सैनिकों ने मुठभेड़ में मार गिराया।

अब्राहम लिंकन
शेख मुजीबुर्रहमान
शेख मुजीबुर्रहमान पाकिस्तान से अलग होकर बने बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई की अगुआई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई थी। वह शेख मुजीब के नाम से मशहूर थे। शेख मुजीबुर्रहमान और उनके परिवार की 15 अगस्त 1975 को हत्या कर दी गई थी।
बांग्लादेश में मौजूद न होने की वजह से उनकी दोनों बेटियां इस हमले से बच गई थीं। अभी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना शेख मुजीबुर्रहमान की ही बेटी हैं।

शेख मुजीबुर्रहमान
लियाकत अली खान
भारत में करनाल में जन्मे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की 16 अक्टूबर 1951 को रावलपिंडी में हत्या कर दी गई थी। हत्या पहले लियाकत अली खान रावलपिंडी के कंपनी बाग में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
लियाकत अली खान पर पर गोली चलाने वाले शख्स का नाम सईद अकबर खान बबराकजई था। उसने जिस जगह से लियाकत अली खान पर गोलियां चलाई थीं, वो इंटेलिजेंस अधिकारियों के लिए रिजर्व थी। इस बात का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है कि हत्यारे को उस जगह किसने बैठाया था। यह हत्या आज भी एक राज बनी हुई है।

लियाकत अली खान
बेनजीर भुट्टो
पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर, 2007 की शाम हत्या कर दी गई थी। बेनजीर किसी भी मुस्लिम देश की कमान संभालने वाली पहली महिला थीं। बेनजीर भुट्टो हत्या की शाम रावलपिंडी से एक चुनावी रैली संबोधित कर के लौट रही थीं। तभी हमलावर बेनजीर की कार के पास आया और उनको गोली मार दी। बाद में उसने खुद को भी उड़ा लिया।
भुट्टो के साथ उनकी पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं की भी जान गई थी और 71 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या से जुड़ा मामला अभी भी लाहौर हाईकोर्ट में लंबित है। यह सवाल जस का तस बना हुआ है कि हत्या के पीछे किसका हाथ है, किसके कहने पर भुट्टो को मारा गया।

बेनजीर भुट्टो
राणासिंघे प्रेमदासा
राणासिंघे प्रेमदासा श्रीलंका के तीसरे राष्ट्रपति थे। 1 मई 1993 को कोलंबो में मई दिवस की रैली में आतंकी संगठन लिट्टे के सुसाइड बॉम्बर ने उनकी हत्या कर दी थी। प्रेमदासा की हत्या के बाद श्रीलंकाई सेना और लिट्टे में सीधी लड़ाई शुरू हो गई थी, जो 26 साल तक चली और जिसमें 70 हजार जानें गई थीं।

राणासिंघे प्रेमदासा
महात्मा गांधी
30 जनवरी 1948 को दिल्ली में महात्मा गांधी के दिन की शुरुआत आम दिन की तरह ही हुई थी। बिड़ला हाउस की प्रार्थना सभा में अक्सर समय से पहुंचने वाले गांधीजी को उस दिन कुछ देर हो गई थी। वे जब बिड़ला हाउस पहुंचे, तो उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर भीड़ का अभिवादन किया।
तभी बाईं तरफ से नाथूराम गोडसे उनकी तरफ झुका और उसने पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन गोलियां गांधीजी के सीने और पेट में उतार दीं। गांधी जी के मुंह से ‘हे राम…’ निकला और वे जमीन पर गिर पड़े। उन्हें जख्मी हालत में अंदर ले जाया गया, लेकिन थोड़ी ही देर में डॉक्टरों ने गांधीजी को मृत घोषित कर दिया।

महात्मा गांधी
मार्टिन लूथर किंग जूनियर
1968- में अमेरिकी आंदोलनकारी मार्टिन लूथर किंग जूनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। किंग ने अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिकों के अधिकारों के लिए अहम भूमिका निभाई। डॉ. किंग ने 1963 में वॉशिंगटन में लिंकन मेमोरियल के सामने “आई हैव अ ड्रीम’ स्पीच दी थी। यह स्पीच अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन का प्रतीक बन गई और रिकॉर्डेड इतिहास में यह सबसे यादगार भाषणों में से एक है।

मार्टिन लूथर किंग जूनियर
नेपाल का राजपरिवार
1 जून 2001 को नेपाल के क्राउन प्रिंस दीपेंद्र शाह ने अपने राजपरिवार के 9 लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वालों में उनके पिता राजा बीरेंद्र, माता रानी ऐश्वर्या और शाही परिवार के 7 और सदस्य शामिल थे। परिवार के लोगों की हत्या के बाद दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली थी।
दीपेंद्र राजकुमारी देवयानी राणा से शादी करना चाहते थे, लेकिन शाही परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था। इसी बात पर गुस्से में आकर दीपेंद्र ने सबकी हत्या की थी।

किंग बीरेंद्र और रानी ऐश्वर्या के साथ शाही परिवार
फ्रांसिस फर्डिनेंड
28 जुलाई 1914 के दिन ही पहले विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई थी। सर्बिया में ऑस्ट्रिया के राजकुमार फ्रांसिस फर्डिनेंड की हत्या कर दी गई थी। इससे गुस्साए ऑस्ट्रिया ने हंगरी के साथ मिलकर सर्बिया पर हमला कर दिया था। यहीं से शुरू हुए युद्ध ने धीरे-धीरे करीब आधी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था।
हालांकि, विश्वयुद्ध की शुरुआत का ये केवल तात्कालिक कारण था। इसके अलावा भी कई कारण थे जो प्रथम विश्वयुद्ध की वजह बने थे। इसमें यूरोपीय देशों के बीच समझौते और संधियां भी एक वजह थीं।

फ्रांसिस फर्डिनेंड





