निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी यात्री ट्रेन, उज्जैन की ट्रेनें होंगी डायवर्ट- मिसरोद रेलवे स्टेशन का भी होगा विस्तार, होशंगाबाद रोड, कोलार, कटारा हिल्स, शाहपुरा में रहने वाली करीब पांच लाख की आबादी को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा।- यात्री सुविधाओं का विकास- भोपाल स्टेशन पर नया भवन बनकर तैयार, वेटिंग रूम खोले गए
भोपाल। राजधानी को रेल मंत्रालय एक और तोहफा देने जा रहा है। अत्याधुनिक रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद शहर के एक और रेलवे स्टेशन निशातपुरा का काम अंतिम चरण में है। स्टेशन बनकर तैयार है। साल के आखिर तक रतलाम और उज्जैन जाने वाली ट्रेनों को निशातपुरा से डायवर्ट कर दिया जाएगा। ऐसा करने से लगभग एक दर्जन ट्रेनों को भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर नहीं लेना होगा। इससे इंजन बदलने का वक्त बचेगा। साथ ही भीड़भाड़ की समस्या भी खत्म हो जाएगी।

निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव से पुराने भोपाल के लाखों लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा मिसरोद स्टेशन पर अभी लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं रुकती हैं। इसलिए यात्रियों को भोपाल और आरकेएमपी की दौड़ लगानी पड़ती है। अब मिसरोद रेलवे स्टेशन पर भी लंबी दूरी की ट्रेनों को रोकने की तैयारी है।
इसे नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इस स्टेशन के डेवलपमेंट से नए शहर के लोगों को पांच से सात किमी की दूरी बचेगी। होशंगाबाद रोड, कोलार, कटारा हिल्स, शाहपुरा में रहने वाली करीब पांच लाख की आबादी को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इस बीच रेलवे ने भोपाल स्टेशन के नए भवन को यात्रियों के लिए खोलना शुरु कर दिया है। यहां आधुनिक वेटिंग रूम चालू कर दिया गया है।
इसलिए ट्रेन होती हैं लेट
ट्रेनों के लेट होने के पीछे प्लेटफार्म पर बढ़ता ट्रेफिक लोड है। जिसके चलते ट्रेनों को आउटर पर रोककर रखना पड़ता है। इंजन बदलने में भी वक्त लगता है। अब भोपाल रेलवे स्टेशन पर आकर डायवर्ट होने वाली 12 से ज्यादा यात्री ट्रेनों एवं 20 माल गाडिय़ों को जल्द निशातपुरा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।





