अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

रऊफ बेलिम का ज़िला बदर राजनैतिक भेदभाव

Share

विरोध में एसडीपीआई के कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर कार्यालय पर किया प्रदर्शन

इन्दौर । , पुलिस कमिश्नर द्वारा मुस्लिम समाज के वरिष्ठ  सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता एवं कई सामाजिक संगठनों और सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अब्दुल रऊफ बेलिम, जैसे इस्लामी रिलीफ कमेटी, मध्यप्रदेश मुस्लिम नुमाईंदा कमेटी,दारूलक़ज़ा में सक्रिय और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल रऊफ बेलिम को बगैर किसी ठोस आधार के ज़िला बदर किया गया है। जो सरारासर नाइंसाफी और राजनीतिक  भेदभाव वाली कार्रवाई है। जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।

श्री कुरैशी ने बताया कि,अब्दुल रऊफ बेलीम एक सेवाभावी स्वभाव और पीड़ितों के लिए आवाज़ उठाने वाले व्यक्ति हैं। वो पिछले तीस सालों से मध्यप्रदेश मुस्लिम नुमाईंदा कमेटी और इस्लामी रिलीफ कमेटी के ज़िम्मेदार रहते हुए प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों की मदद के लिए जाने जाते हैं। स्थानी स्तर पर ही नही पूरे देश में जहां जहां इस तरह की आपदाएं आती है अब्दुल रऊफ बेलिम मदद लेकर पहंचते हैं। इसी तरह पारिवारिक कलह और उसकी वजह से टूटते रिश्तों को बचाने का काम भी उनके सक्रिय योगदान से इंदौर में स्थापित दारूलक़ज़ा के माध्यम से बरसों से जारी है।जिसकी वजह से सिर्फ रिश्ते ही नही बचते बल्कि लोगों का पैसा और समय के साथ अदालतों पर पड़ने वाला बोझ भी कम करते हैं। अब्दुल रऊफ बेलिम राजनीतिक रुप से भी विशिष्ट स्थान रखते हैं और वर्तमान में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर वह एक धार्मिक प्रवृत्ति के आदमी हैं जिसके चलत वह एक सभ्य, सुसंस्कृत और आध्यात्मिकता से लबरेज है। मगर किसी तरह की सांप्रदायिकता से कभी उनका कोई नई आता नही रहा।

72 वर्षीय अब्दुल रऊफ बेलिम समाज के वरिष्ठ होने के नाते सम्मान से देखे जाते हैं। सामाजिक एतबार से भी इनका बहुत योगदान है, उन्होंने कसेरा बरादरी के भी मुख्य पदों पर रहकर कई सालों तक अपनी सेवाएं दी हैं। 

ऐसा व्यक्ति  जो समाज में अपनी नैतिक, सामाजिक, मानवीय और राजनीतिक पहचान के लिए जाना जाता हो उस पर इंदौर पुलिस व्दारा अनर्गल,झूठे, फेब्रीकेटेड , काल्पनिक ,अपमानित और ओछे आरोप मढ़कर और धारा 188 जैसे एक दो राजनीतिक मामलों को आधार बनाकर जिला बदर किया जाना घौर निंदनीय और अभिव्यक्ति की आज़ादी और समाज सेवा पर कुठाराघात है। इंदौर पुलिस की इस अविवेकपूर्ण और पूर्वाग्रह से ग्रसित अब्दुल रऊफ  पर की गई ज़िला बदर  कार्रवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर आज सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया इन्दौर द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सम्भागायुक्त को दिया गया।

Ramswaroop Mantri

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें