*नादान की दोस्ती जी का जंजाल ना बन जाए
सुनील जैन*
हिंदुओं का बारह महीने का त्यौहार दीपावली सामने है । दो साल की कोरोना की त्रासदी झेलने के बाद और बीते चार पांच से विकास के नाम पर शहर भर में तोड़ फोड़ मचाने के बाद अब आंशिक रूप से इंदौर शहर की जनता त्यौहार की खुशियां मनाने के मूड में आई है ।
लेकिन इसे इंदौर का सौभाग्य कहें या दुर्भाग्य की सत्ता के रथ पर सवारी करने वाले सवार के हाथ में ही इंदौर की सत्ता आ गई । वो तो शिवराज और जिला प्रशासन , इतना पसीने बहाने वाला परिश्रम नहीं करते तो इस नौसिखिए सवार का गिरना तय था ।
अगर इस राजनीति के नौसिखिए को जरा भी जनता का ख्याल होता और जिनके बल पर चुनाव की वैतरणी पार की है तो ऐसे जन विरोधी बयान नहीं देता ।
अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होना है और एक बेहद हास्यापद टैक्स इंदौर की जनता पर थोप ही नहीं दिया बल्कि कांग्रेस के पप्पू की तरह बयान भी देता है कि अभी तो त्यौहार मना लो , इसके बाद डंडा लेकर निकलेंगे टैक्स वसूलने …और टैक्स भी कैसा जनता अपने व्यवसाय का , अपने व्यवसाय की पहचान का प्रचार करने के उद्देश्य से साइन बोर्ड लगाता है या टांगता है तो उस पर भी टैक्स ?
जब व्यापारिक संगठन आक्रोशित हुआ तो मित्र पत्रकारों के माध्यम से कहने लगे “कोई भी दुकानदार अपनी दुकान के बाहर खुद की दुकान का एडवरटाइजमेंट करता है तो तीन बाय तीन का बोर्ड फ्री ऑफ कॉस्ट रहेगा” …वाह दुकान , दुकानमालिक की और उस पर हस्तक्षेप नगर निगम का …
लेकिन किसी और की कंपनी का होर्डिंग लगाया तो फिर व्यापारी की खैर नहीं ..
उसका टैक्स के रूप में दंड भरना होगा वह भी 2017 से..बस इस मित्र ने इतनी कृपा की है दिवाली तक मोहलत दे दी है बेचारे व्यापारियों को … मित्र का यह अहसान सदा याद रखेगा इंदौर का व्यापारी …
अगर व्यापारी ने किसी बड़े ब्रांड की एजेंसी ली है तो उसका बोर्ड अपने बोर्ड के साथ लगाएगा ही उसका क्या जवाब है मित्र के पास??
पूछता है इंदौर???
इसकी अपरिपक्वता से डर लगने लगा है कि कहीं इंदौर की पूरी जनता पर सांस लेने का भी टैक्स ना लगा दे यह कहकर की आप कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ रहे हो और नगर निगम से शुद्ध ऑक्सीजन ले रहे हो तो टैक्स देना पड़ेगा ..
वह कहावत गलत नहीं है कि नादान की दोस्ती जी का जंजाल
यह तो भोपाल वाले मित्र को इस इंदौरी मित्र की आए दिनों की कारगुजारियो से मालूम पड़ जाएगा …





