अफगानिस्तान कम या ज्यादा बृहत्तर भारत का हिस्सा रहा है।
बाबर भले ही फ़रगना से आये थे
पर बेस काबुल था
और हुमायूं का जन्म भी काबुल में हुआ था,
बाकी मुग़लों का जन्म मूल भारतीय धरती पर हुआ था।
गौरी अफ़ग़ानिस्तान के थे…
खिलजी अफगानिस्तान के थे
और ज्यादातर का जन्म इधर ही हुआ है।
सैय्यद वंश के संस्थापक खिज्र खान मुल्तान में पैदा हुए थे।
लोदी भी पश्तून ट्राइब थे जो बृहत्तर भारत का हिस्सा था।
गयासुद्दीन तुगलक का जन्म कहाँ हुआ क्लीयर नहीं है,
लेकिन बाकी तुगलक का जन्म इधर ही हुआ था।
शेरशाह सूरी भी इसी धरती पर पैदा हुए थे।
भारत में शासन करने वाले
ज्यादातर मुस्लिम शासकों का जन्म
वर्तमान भारतीय धरती पर हुआ था और कुछ का बृहत्तर भारत में…
तो अब बताइये कि ये किस तरह विदेशी हुए?
और हाँ जब नेशन स्टेट की अवधारणा ही नहीं थी तो विदेशी होने का आधार क्या है?
ऋषि सुनक जन्मे ब्रिटेन में,
उनके बाप जन्मे केन्या में,
उनके दादा जन्मे गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में…
लेकिन ऋषि सुनक भारतीय मूल का है, कैसे?
मुस्लिम है तो विदेशी?
एक हिन्दू है तो भारतीय मूल का?
फिर से कह रहा हूँ भारतीय मूल का होने न होने का स्टैंड क्लियर करें नहीं तो आपका स्टैंड खोलकर भंगार में दे दिया जाएगा…





