अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

मंदिर के चंदे के बहाने अवसर का लाभ…..

Share
सुसंस्कृति परिहार
 आजकल एक नया कामधंधा लोगों को मिल गया है राममंदिर निर्माण हेतु ख़ुलकर चंदे के नाम पर लाखों का खेल चल रहा है । बराबर रसीदें भी दी जा रही हैं ये रसीद काटने वाले बहुसंख्यक वे ही लोग हैं जो दुर्गोत्सव , गणेशोत्सव या नगर के छोटे छोटे आयोजनों के लिए चंदा वसूली करते रहे हैं जिनके पास चंदा लेने के अच्छे बुरे दोनों हुनर हैं ।इस धंधे में कुछ बेरोजगार हुए नेता भी हैं जिनकी थोड़ी बहुत पूछ परक बाकी है या कहें कुछ पक्के भक्तगण हैं जो उनके उज्जवल भविष्य में विश्वास रखते हैं ।इसके अलावा कई अन्य समाजसेवी , शासकीय कर्मचारी भी बहती गंगा में हाथ धोने में लगे हैं ।
               स्वामी गोविंद देव के मुताबिक, यूं तो राम मंदिर बनने की लागत करीब 300 से 400 करोड़ होगी. लेकिन, पूरे राम मंदिर क्षेत्र का निर्माण होने में 1100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।दुखद किंतु एक सत्य तो यह भी है कि हमारी रामभक्त सरकार ने सरदार बल्लभ भाई पटेल की विशाल स्टैच्यू बनाने के लिए जनता से लोहा मांगा था और सरकारी बजट से कुल 3000 करोड़रू ख़र्च हुए चीन में उनकी प्रतिमा बनवाई गई ।राम मंदिर निर्माण में तो इसका आधे से भी कम ख़र्चा है ।।इतना तो मित्रलर उद्योगपति और समस्त नेता ही कर सकते हैं ।ये हमारे राम जी के लिए दोबारा चंदा ले रहे हैं जबकि बावरी मस्जिद तोड़ने के बाद जो चंदा हुआ वह वर्तमान मंदिर निर्माण की लागत से ज़्यादा था जनता ने भरपूर सहयोग के साथ राम जी के नाम लिखी ईंटे दी थीं जिनमें स्वर्ण की ईंटें भी दी गई थी ।अब सवाल ये है कि इस तरह सार्वजनिक तौर पर चंदा वसूलने की अनुमति किसने दी ?यदि राम मंदिर निर्माण समिति की अपील है तो रसीद स्पष्ट हो और यह विज्ञापित कर जनता को बताया जाए कि  जिलेवार  किस किस को अधिकृत किया गया है प्रत्येक जिले का जिलाधीश इस बात की निगरानी भी रखे कि असामाजिक तत्व तथा कथित समाजसेवी कहे जाने वाले लोग कोरानाकाल के पीड़ित जनता जनार्दन से आस्था के नाम पर जबरिया वसूली ना करें ।यह स्वेच्छिक हो ।
                इसके साथ ही अन्य धर्मावलंबियों से भी जबरन राम जी के नाम पर चंदा देने के दबावों की घटनाएं भी सामने आ रही है ।राम जी के नाम पर चंदा लेने वालोें को शर्म आनी चाहिए कि वे दूसरे मज़हब के लोगों को परेशान ना करें उन्हें चिंतन करना चाहिए अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद के बाद मुस्लिमों को मिली ज़मीन पर जिस मस्जिद और अस्पताल का निर्माण हो रहा है क्या हम से उनने कोई चंदा मांगा ।कतिपय उग्र तत्व उन्हें उत्तेजित करने की फ़िराक में हैं ऐसे तत्वों पर प्रशासन को नज़र भी रखनी होगी । रामभक्त देश में बहुसंख्यक हैं उन्हें ये हरगिज़ अच्छा नहीं लग रहा है । हां,रामजी की प्रतिष्ठा तो वहां भी धूमिल हो रही है जिसमें मोदी जी  बालक राम की अंगुली पकड़कर मंदिर की तरफ ले जा रहे हैं या प्रभु को कंधे पर बिठाए नज़र आ रहे हैं ।ये सब बंद होना चाहिए ।उनका कद रामजी से ऊंचा कैसे हो सकता है?
           जय श्री राम के नारे ने भी आज जिस तरह आक्रामक रूप ले रखा उस पर विचार करने की ज़रूरत है ।वे तो शांतिप्रिय और पुरुषोत्तम राम हैं ।अपनी प्रत्यंचा वे इसीलिए तो टांगे रखते हैं ।तानते नहीं । सीता बिन राम अधूरे हैं । सिय राम मय जगजानी ।वे गांधी के भी राम हैं जो सबको सन्मति देने वाले हैं । वे जन जन के आदर्श राम हैं ।याद रखिए मंदिर में बैठकर भी राम का स्वरूप नहीं बदलेगा ।अपितु आस्था के बीच चंदा का धंधा बंद करें । लोगों को व्यर्थ परेशान ना करें ।तथा गलत काम में लिप्त लोगों पर कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें ।ये हम सब की जिम्मेदारी है । सीताराम ।




Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें