अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

सच में कितने महान हैं ये लोग

Share

, मुनेश त्यागी

वे भूखे हैं,,,
पर आदमी का मांस नहीं खाते।
वे प्यासे हैं,,,,
मगर दूसरों का लहू नहीं पीते।

वे नंगे हैं,,,,,
पर दूसरों के लिए कपड़े बुनते हैं।
उनके छत नहीं है,,,,
मगर दूसरों के मकान बनाते हैं।

वे भूखे हैं
पर औरों के लिए अन्न उगाते हैं।
वे धनहीन है ,,,,,,
मगर दूसरों के धन में इजाफा करते हैं।

वे संपत्ति विहीन है ,,,,,,
पर वे दूसरों की संपत्तियों में बढ़ोतरी करते हैं।
वे वस्त्र विहीन हैं,,,,,
मगर दूसरों के लिए कपड़े बनाते हैं।

वे अनपढ़ हैं,,,,,,,
मगर दूसरों के लिए किताबी छापते हैं।
वे अशिक्षित हैं,,,,
मगर दूसरों के लिए स्कूल बनाते हैं।

वे मंदिर नहीं जा सकते
मगर दूसरों के लिए मंदिर बनाते हैं।
उनके पास घर नहीं हैं
मगर वे दूसरों के लिए शानदार मकान बनाते हैं।

वे धन दौलत पैदा करते हैं
नगर वे धन धान्य से पूरी तरह वंचित है
वे अन्याय के शिकार हैं
मगर दूसरों के लिए न्यायालय बनाते हैं।

ये सब कुछ करते हैं
फिर भी अभावग्रस्त ही रहते हैं,
इसीलिए मार्क्स ने कहा था
दुनिया भर के मेहनतकशों एक हो।

,,,,सच में ये लोग कितने महान हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें