भोपाल । शिवराज सरकार ने धीरे-धीरे कर मैदानी स्तर पर नए सिरे से प्रशासनिक जमावट कर दी है। 12 माह में 38 कलेक्टर बदले जा चुके हैं। अब मंत्रालय में प्रमुख सचिव स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव होना है। चार अधिकारी बतौर प्रमुख सचिव पदोन्न्त हुए हैं, लेकिन उन्हें यथावत रखा गया है। जबकि, वित्त विभाग में तीन प्रमुख सचिव पदस्थ हैं।
सूत्रों के मुताबिक मैदानी पदस्थापना के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा अधिकारियों के प्रदर्शन का लगातार आकलन किया जा रहा है। हर माह दिए जाने वाले लक्ष्य के आधार पर रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। इससे कलेक्टर की स्थिति का पता चल रहा है। मुख्यमंत्री अपने स्तर पर भी फीडबैक ले रहे हैं। इसी आधार पर जिलों में परिवर्तन किए गए हैं। कुछ कलेक्टर और बदले जा सकते हैं। उधर, मंत्रालय में भी अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर परिवर्तन प्रस्तावित है। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जल्द निर्णय ले सकते हैं।
727 डॉक्टरों की होगी भर्ती, अनारक्षित श्रेणी के पद नहीं
प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 727 पदों पर भर्ती की जा रही हैं। लोक सेवा आयोग से इसके लिए आठ फरवरी को विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। इनमें सेे अनारक्षित श्रेणी के लिए एक भी पद नहीं हैं। इसको लेकर विरोध शुरू हो गया है। अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मंत्री ने दिया सुझाव, ड्राइंग-डिजाइन के लिए हो अलग एजेंसी
चाय पर चर्चा की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा की। उन्होंने विभाग के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा मितव्ययता के लिए अपनाए जा जाने वाले उपायों पर चर्चा की। साथ में ड्राइंग-डिजाइन तथा एस्टीमेट के लिए अलग एजेंसी निर्धारित करने का सुझाव रखा। इससे परस्पर जवाबदेही एवं प्रमाणिकता तय करने में मदद मिलेगी। भार्गव ने इस चर्चा को सकारात्मक, सार्थक और परिणाम मूलक बताया।
नगर निकाय चुनाव संचालन समिति की बैठक संपन्न
भारतीय जनता पार्टी नगर निकाय चुनाव संचालन समिति की बैठक मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में हुई। इसमें आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में संयोजक उमाशंकर गुप्ता, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, मंत्री भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह आदि उपस्थित थे।





