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 जयस नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 16 दिसंबर को इंदौर संभाग आयुक्त को देंगे ज्ञापन*

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आदिवासियों की हितेषी बनने का दावा करने वाली सरकार का दोहरा चरित्र उजागर*

*रिहाई नहीं होने की स्थिति में सभी जन संगठन और राजनीतिक दल मिलकर करेंगे बड़ा आंदोलन*

 इंदौर । सोशलिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री एवं किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि जब 15 नवंबर 2022 को पूरा देश आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा की जयंती मना रहा था, तब रतलाम में राजनीतिक बदले की भावना से 5 सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अभय ओहरी, डॉ आनंद राय, विलेश खराड़ी, गोपाल वाघले, अनिल निनामा को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया गया तथा अन्य  19 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर एफ.आई.आर दर्ज की गई। 

आपने बताया कि जयस नेताओं पर की गई धनात्मक कार्रवाई के खिलाफ पूर्व विधायक तथा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं संयुक्त किसान मोर्चा के कोर ग्रुप सदस्य पूर्व विधायक डॉ सुनीलम के नेतृत्व में  16 दिसंबर शुक्रवार को सुबह 11:30 इंदौर के संभाग आयुक्त कार्यालय पर विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संगठनों और किसान मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित होंगे तथा संभागायुक्त को जयस नेताओं की बिना शर्त रिहाई के लिए ज्ञापन देंगे ।

 नेता द्वय ने कहा कि झाबुआ में कुछ नेताओं द्वारा आदिवासियों के गैर राजनीतिक संगठन जयस पर अनर्गल आरोप लगाए गए, पूरे आदिवासी समुदाय को अपमानित किया गया, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा उकसावे पूर्ण भाषण देने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की बजाय सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने का काम किया गया है।

आपने कहा कि  रतलाम के स्थानीय आदिवासियों द्वारा ग्राम सभाओं की बिना सहमति से दिल्ली -मुंबई नेशनल कॉरिडोर तथा निवेश क्षेत्र बनाने का  विरोध किया जा रहा है क्योंकि आदिवासियों से छीनी जा रही भूमि ही उनका एकमात्र जीविकोपार्जन का साधन है। इस संबंध में आदिवासियों द्वारा विधायक, सांसद से सवाल पूछा जाना उनका संवैधानिक अधिकार है। सवाल पूछने पर फर्जी मुकदमे दर्ज करना अलोकतांत्रिक और गैर संवैधानिक कार्यवाही है 

  उन्होंने मुख्यमंत्री को स्मरण कराते हुए कहा कि आपकी सरकार ने आदिवासियों को लेकर तमाम कार्यक्रमों की घोषणाएं की है तथा कानून बनाने की पहल की है। उन कानूनों को और भारत के संविधान में आदिवासियों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने की मांग करना किसी भी दृष्टि से आपत्तिजनक नहीं माना जा सकता। यह हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है ।

    उन्होंने कहा कि जयस की राजनीतिक ताकत से घबराकर शिवराज सरकार द्वारा जयस नेताओं पर दमनात्मक कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री को इस बात को याद रखना चाहिए कि दमन करने वाली हर सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ा है।

Ramswaroop Mantri

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