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फायदेमंद है अंडे का पीला हिस्सा

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 दिव्या गुप्ता 

     _अंडे खाने को लेकर लोगों में कई तरह की धारणाएं बनी है, खासकर अंडे के पीले भाग को लेकर। खुद को जीनियस समझने वाली लॉबी इसे निकाल कर फेक देती है, जबकि यह लाभकारी है._

        अंडे प्रोटीन और कुछ अन्य पौष्टिक तत्वों का बहुत अच्छा स्रोत होते हैं। एक अंडे को किसी भी तरह खाने से आपको 13 अलग-अलग प्रकार के विटामिन्स और अन्य मिनरल्स प्राप्त होते हैं, लेकिन आज कल हर कोई अंडे की जर्दी या अंदर के पीले भाग को खाना पसंद नहीं करता है और उसे फेंक दिया जाता है।

       इसके पीछे यह अवधारणा होती है कि इस पीले भाग से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और इसे शरीर के लिए अनहेल्दी माना जाता है। इस अवधारणा को फैलाने के पीछे अधिकतर जिम जाने वाले लोग हैं। लेकिन असलियत कुछ और ही होती है।

       असल में अगर आप जर्दी को नहीं खाते हैं तो आप अंडे में मौजूद काफी सारे पौष्टिक तत्वों से वंचित रह जाते हैं। अंडे की जर्दी को निकाल देने से आपको अंडे का केवल आधा ही लाभ मिल पाता है।

       अंडे के पीले भाग को जर्दी के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, अंग्रेजी भाषा में इसे Egg Yolk भी कहते हैं। आगे चलकर यही भ्रूण की शक्ल लेता है जिसके कारण एक चूजा तैयार होता है। ऐसा माना जाता है कि भ्रूण में बहुत ज्यादा गर्मी होती है। 

*जर्दी में क्या होता है?*

      अंडे की जर्दी में ही सारा पोषण मौजूद होता है। जर्दी की बजाए अंडे के सफेद भाग में कम पोषण होता है। एक पूरे अंडे में विटामीन ए, डी, ई और के होते हैं। इसके अलावा 6 अलग अलग तरह के बी विटामिन भी पाए जाते हैं।

       मिनरल्स की अगर बात की जाए तो अंडे में आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, जिंक और फोलेट जैसे मिनरल पाए जाते हैं। अंडे की जर्दी में यह अधिकतर विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं।

       अगर आप इसी भाग को नहीं खाते हैं तो इन तत्वों में से केवल आधे या उससे भी कम पौष्टिक तत्व आपको मिलेंगे। अंडे का सफेद भाग केवल प्रोटीन से भरपूर होता है।

*जर्दी से जुड़ी गलत अवधारणा :*

       बहुत से लोग अंडे की जर्दी को इसलिए नहीं खाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसमें कोलेट्रोल की मात्रा अधिक पाई जाती है। साथ ही फैट और सोडियम भी अधिक होता है। लेकिन अगर आप एक सीमित मात्रा में अंडे का सेवन करते हैं और साथ ही लाइफस्टाइल को हेल्दी रखने के लिए डाइट और एक्सरसाइज भी करते हैं तो इससे अधिक नुकसान आपके शरीर को नहीं पहुंचेगा।

      वजन कम करने के लिए या मसल्स बनाने के लिए फैट और कोलेस्ट्रॉल दोनों चीजों की जरूरत होती है। कोलेस्ट्रॉल टेस्टोस्टेरोन को बनाने के लिए आवश्यक माना जाता है जिससे एनर्जी लेवल में सुधार आता है।

       इससे विटामिन डी बनने में भी मदद मिलती है। विटामिन डी से हड्डियों मजबूत बनती हैं। अंडे की जर्दी में जितना भी फैट होता है, वह हेल्दी फैट होता है। अंडे खाने से आपका लंबे समय तक पेट भरा रहता है और आपको गर्म महसूस भी होता है।

*अंडे में कितना पोषण :*

       8 अंडों के सफेद भाग में 28 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम कार्ब्स, 0 ग्राम फैट, 137 कैलोरीज़ होती हैं जबकि 4 पूरे अंडों में 28 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम कार्ब्स, 21 ग्राम फैट और 312 कैलोरीज़ होती हैं।

       इसलिए आपको पूरा अंडा ही खाना चाहिए और अंडे के सफेद भाग को फेंकना नहीं चाहिए। इससे आप को अंडे में मौजूद सारे पौष्टिक तत्व प्राप्त हो सकेंगे।

        अगर आप अंडे को सफेद भाग के साथ खाते हैं तो उसमें प्रोटीन और अन्य तत्व तो अधिक होते ही हैं लेकिन फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम भी होता है इसलिए आप को मात्रा का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है। जरूरत से अधिक अंडे खाने से आपको काफी गर्मी महसूस हो सकती है और आपको कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं।

        इसलिए केवल लाभ प्राप्त करने के लिए एक दिन में केवल 3 से 4 अंडे ही खाएं। अंडों को उबाल कर, फ्राई कर या ऑमलेट बना कर खाया जा सकता है।

  अंडा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे डॉक्टर्स भी खाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर बॉडीबिल्डर्स और फिटनेस के शौकीन लोग अंडे का सेवन रोजाना करते हैं.

 *कब हानिकारक है जर्दी का नियमित सेवन?*

        सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, अंडे के पीले भाग को खाने से इंफेक्शन का खतरा रहता  है। लेकिन तब, जब कच्चे रूप में आप अंडे का सेवन करते हैं। जब अंडे को 40 डिग्री के तापमान से ऊपर रखा गया हो। अंडे को खरीदने से पहले या जांच लें कि वह ठीक तरीके से सुरक्षित किया गया है या नहीं।

      सीडीसी द्वारा यह भी बताया गया है कि कमजोर इम्यून सिस्टम वालों के लिए अंडे के पीले भाग का नियमित सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, दूषित हो जाने पर अंडे का पीला भाग बड़ी तेजी से क्रिया करता है जो शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है।

     एचआईवी पीड़ित और ऑर्गन ट्रांसप्लांट वाले लोग अंडे के पीले भाग को खाने से जरूर बचें। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर मानी जाती है।

      जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें भी अंडे के पीले भाग को खाने से बचना चाहिए। अंडे के पीले भाग में कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा मात्रा पाई जाती है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीज अगर अंडे के पीले भाग का सेवन नियमित रूप से कर रहे हैं तो उन्हें डायरिया, बुखार, पेट में दर्द जैसी समस्याएं भी दिख सकती हैं। 

     हार्ट-प्रॉब्लम में भी जर्दी का सेवन नहीं करना चाहिए.

Ramswaroop Mantri

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