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मछुआरों की समस्यायों को लेकर पटना में राज्यस्तरीय सम्मेलन 9 अप्रैल को

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 जहर डालकर मछली मारने पर कड़ाई से रोक लगाए सरकार

 निर्मली/सुपौल।

कोशी के मछुआरों की समस्यायों पर आज निर्मली के बिसहरा चौक के समीप मत्स्यजीवी सहयोग समिति के निर्मित हो रहे सभगार में दिन में 11 बजे से बातचीत आयोजित हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मत्स्यजीवी सहयोग समिति निर्मली के अध्यक्ष प्रियतम मुखिया व मंत्री बिरेन्द्र कुमार प्रभात ने बैठक के उद्देश्य को विस्तार से बताया। बैठक को सम्बोधित करते जिले के अनेक गाँवो से आये मछुआरों ने कहा कि उनकी हालत दयनीय है, निःशुल्क शिकारमाही का कार्ड नही बन रहा है जिससे अनेके प्रकार के लाभों से वंचित रह जाते है। मछली पकड़ते समय अनेक जगह दबंग लोग हिस्सा जबरदस्ती भी ले लेते है। जमीन के अभाव में मछुआरा आवास योजना का अनुपालन नही हो रहा है। सतनहा पोखर  मत्स्यजीवी समिति के पास है फिरभी दबंग कब्जा जमाए हुए है। कोशी तटबन्ध के बीच के मछुआरे हर साल बाढ़ कटाव से पीड़ित होते है परन्तु उनको बाढ़ सहायता का लाभ नही मिलता। इतना ही नही अधिकांश लोग पुनर्वासों से भी बंचित है। शिक्षा स्वास्थ्य की खराब हालात से उनकी पीढियां भी अशिक्षा से उबर नही पा रही है। जहर डालने से नदी सहित अन्य तालाबो, ढाबों में मछली खत्म हो जा रही है जिससे मछुआरा समाज को आजीविका का संकट झेलना पड़ रहा है लोग पलायन कर रहे है। बातचीत को आगे बढ़ाते हुए बिहार जल श्रमिक संघ के संयोजक व एन. पी. एस. एस. एफ. डब्लू . के नेता योगेन्द्र सहनी ने कहा कि मछुआरों के लंबे संघर्ष के बाद गंगा में आजादी के 43 वर्ष बाद भी जारी जम्मीदरी को खत्म कराया गया। उसके बाद लालू यादव की सरकार ने मछुआरों के आंदोलन को देखते हुए परंपरागत मछुआरों को गंगा व उसकी सहायक नदियों और उससे जुड़े कोल, ढाँब, झील, ताल में निःशुल्क शिकारमाही (फ्री फिसिङ्ग) का कानूनी अधिकार दिया, साथ ही नदियों में  जहर डालकर मछली पकड़ने पर रोक लगी थी। आज भी उन कानूनों के अनुपालन ठीक नही होने से मछुआरों के आजीविका पर संकट विद्यमान है इन्ही सभी सवालों को लेकर पटना में 9 अप्रैल को ब्रजकिशोर मेमोरियल सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है।

बातचीत को आगे बढ़ाते कोशी नव निर्माण मंच के अध्यक्ष इंद्र नारायण सिंह ने कहा कि हमारा सन्गठन कोशी के लोगों की लड़ाई लड़ते आ रहा है हमलोग मछुआरों के लड़ाई में सहभागी है। वही मत्स्यजीवी सहयोग समिति के पूर्व मंत्री रामकुमार मुखिया ने मछुआरों के लिए सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से  बताया। बातचीत में कुनौली से आये, सीताराम मुखिया, दिघीया के बासदेव मुखिया, निर्मली वार्ड 1 के वार्ड पार्षद जुगत मुखिया, जोगी लाल मुखिया खोखनहा के पूर्व वार्ड सदस्य सियाचरन मुखिया, पूर्व उप सरपंच छोटाय मुखिया, लखन मुखिया, सुमित मुखिया, चंदन मुखिया, राजेश मुखिया, घूरन मुखिया, संजीत मुखिया, महेन्द्र यादव इत्यादि ने बात रखी। कार्यक्रम का संचालन कोशी नव निर्माण मंच के सन्तोष मुखिया ने किया और आये सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन मनीष ने किया। बातचीत में सैकड़ो मछुआरे उपस्थित रहे।

 *तैयारी समिति का गठन* 

पटना में आयोजित होने वाले मछुआरों के  सम्मेलन की तैयारी के लिए एक समिति का गठन किया गया जिसमें प्रियतम मुखिया, बीरेंद्र कुमार प्रभात, सन्तोष मुखिया, बासदेव मुखिया, शोभाकांत मुखिया,, शिवम मुखिया, घूरन मुखिया, शिवकुमार मुखिया,  गणेश मुखिया, राजेश मुखिया, उमेश मुखिया, सियाशरण मुखिया, छोटाय मुखिया सुमित कुमार, देवनारायण मुखिया, राजेश मुखिया, सीताराम मुखिया शिवनन्दन मुखिया व जागेश्वर मुखिया है। तैयारी समिति का अध्यक्ष सर्व सम्मति से प्रियतम मुखिया को बनाया गया। अंत में सभी ने मछुआरों के सवालों पर संघर्ष का संकल्प लिया।

Ramswaroop Mantri

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