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महापौर द्वारा विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम का सह आयोजक बनाना शासकीय एजेंसी का दुरुपयोग

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महापौर स्पष्ट करें कि कार्यक्रम में खर्च हुआ पैसा नगर निगम का था, विद्यार्थी परिषद का था या महापौर का व्यक्तिगत था?* 

*यदि कार्यक्रम में खर्च हुआ पैसा निगम का था तो आयोजकों से हो वसूली : संतोष सिंह गौतम

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं इंदौर व उज्जैन के मीडिया प्रभारी संतोष सिंह गौतम ने इंदौर नगर पालिका निगम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम का सह-आयोजक बनाये जाने पर कांग्रेस पार्टी की ओर से घोर आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि अपनी विचारधारा के संगठन को मदद कर, अंततः अपनी पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य हेतु एक सरकारी एजेंसी के नाम और प्रभाव का दुरुपयोग घोर निंदनीय है। महापौर को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कार्यक्रम में खर्च हुआ पैसा किसका था? यदि इस कार्यक्रम में नगर निगम का पैसा खर्च हुआ है तो यह इंदौर के नागरिकों की गाढ़ी कमाई के पैसों का घोर अपव्यय है, जिसका अधिकार नगर निगम या महापौर को नहीं है। महापौर को नागरिकों के सामने अविलंब अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। 

आज जारी अपने वक्तव्य में श्री गौतम ने उपरोक्त विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने प्रकल्प “अंतर राज्यीय छात्र जीवन दर्शन” के अंतर्गत पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के नागरिक अभिनंदन एवं सह भोज का कार्यक्रम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के खंडवा रोड, इंदौर स्थित मुख्य सभागार में गुरुवार 9 फरवरी 2023 को आयोजित किया था। 

श्री गौतम ने कहा कि उक्त कार्यक्रम का आयोजन यदि विद्यार्थी परिषद अकेले करती तो कांग्रेस को इससे कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन इस कार्यक्रम में सह-आयोजक इंदौर नगर पालिक निगम था, जो कि घोर आपत्तिजनक है, क्योंकि यदि इसमें किसी शासकीय एजेंसी का नाम जुड़ा है तो यह निष्पक्षता के नियमों का घोर उल्लंघन है और यदि यह कार्यक्रम शासकीय व्यय से आयोजित हुआ है और उसमें स्थानीय छात्रों को सम्मिलित करना ही था तो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन जैसे संगठनों को भी इसमें सह-आयोजक बनाना चाहिए था। 

अपने वक्तव्य के अंत में श्री गौतम ने कहा कि यदि अपनी विचारधारा के छात्र संगठन की मदद कर, महापौर यदि अंततः अपनी पार्टी को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम जैसी शासकीय एजेंसी का दुरुपयोग करेंगे या जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों का अपव्यय करेंगे तो कांग्रेस मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी। इस मामले में यदि जनता के पैसों का अपव्यय हुआ है तो उसे महापौर या विद्यार्थी परिषद से वसूला जाना चाहिए। अन्यथा जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों की वसूली के लिए कांग्रेस कानूनी विकल्प भी अपनाने पर गंभीरता से विचार करेगी। समूचे मामले में महापौर को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।

Ramswaroop Mantri

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