202 नई कॉलोनियों के साथ कुछ क्षेत्रों में पहली बार गाइडलाइन होगी तय
इंदौर। 1 अप्रैल से अचल सम्पत्तियों की जो गाइडलाइन इंदौर जिले में लागू होना है उसकी कल भोपाल की केन्द्रीय मूल्यांकन समितिने मंजूरी दे दी। उपबंधों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी चालू वित्त वर्ष के प्रावधान ही आगामी वर्ष में लागू रहेंगे। अलबत्ता 779 क्षेत्रों में 10 से लेकर 50 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है, जहां पर अधिक कीमतों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
वरिष्ठ जिला पंजीयक बालकृष्ण मोरे ने बताया कि अभी जिला मूल्यांकन समिति से मंजूर प्रस्तावों को भोपाल भेजा गया था, जहां से कल मंजूरी मिल गई है और अब 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू हो जाएगी। वैसे तो पूरे जिले में 4931 क्षेत्रों में ये गाइडलाइन लागू की गई है, जिसके चलते औसतन 5 फीसदी से भी कम बढ़ोतरी हुई है। मगर आधा दर्जन क्षेत्र ऐसे हैं जहां अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं, लिहाजा वहां से 50 से 60 फीसदी, तो अन्य क्षेत्रों में 10 या उससे अधिक फीसदी बढ़ोतरी की गई है। वहीं 202 नई कॉलोनियों के साथ कुछ अन्य क्षेत्र भी हैं, जहां पहली मर्तबा गाइडलाइन 1 अप्रैल से लागू होगी। श्री मोरे के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अब 4 दिन और शेष हैं और निरंतर अच्छी संख्या में रजिस्ट्रियां हो रही हैं। अभी लगभग 2 हजार करोड़ रुपए तक का राजस्व मिल चुका है। हालांकि लक्ष्य 31 मार्च तक लक्ष्य 2323 करोड़ का है। अभी अंतिम दिनों में शाम साढ़े 6 बजे तक स्लॉट बुकिंग की जा रही है और जरूरत पडऩे पर समय बढ़ाया भी जा सकेगा। शासन द्वारा सम्पदा-2 पोर्टल का भी इस्तेमाल आगामी वित्त वर्ष से किया जाएगा और मोबाइल एप के जरिए भी गाइडलाइन की जानकारी मिल सकेगी और जियो टैगिंग सभी क्षेत्रों की की गई है, जिसके चलते उन क्षेत्रों को डालते ही वहां की गाइडलाइन स्क्रीन पर नजर आ जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीते एक साल से रियल इस्टेट कारोबार तेज गति से चल रहा है और शहर की चारों दिशाओं में धड़ल्ले से कॉलोनियां कट गई। सबसे अधिक वृद्धि बायपास से लेकर खंडवा रोड, सुपर कॉरिडोर, राऊ रंगवासा व ऐसे कुछ क्षेत्रों में हुई है। वहीं इंदौर-उज्जैन रोड भी तेज चल रहा है। अलबत्ता शहर के मध्य क्षेत्र, जहां पुरानी सम्पत्तियां हैं वहां गाइडलाइन में परिवर्तन बहुत कम किया गया है।




