बावड़ी कांड में कई सवाल अनुत्तरित छोटे अधिकारियों को दोषी बताने से कमिश्नर एवं सांसद निर्दोष नहीं हो जाते
सेवाराम गलानी पर एफआईआर ओर निगम के जिम्मेदारो को राहत
36 मौत व 26 जख्मी बावड़ी काण्ड
बगीचे का लैण्ड डायवर्शन नहीं तो इतने शासकीय निर्माण कैसे ?
टंकी, पार्षद कार्यालय दो मंदिर कैसे बने ?
नये मन्दिर निर्माण (स्थानान्तरण) का नोटिस पर पुराने मंदिर को अनुमति नोटिस किसने दीया ?
धटना पुराने मंदिर कि, नोटिस नव निर्माण का धटना कि जांच उलझाने का प्रयास ।
बावड़ी पर सिलेब निगम/प्राधिकरण किसने डाला ?
सेलेब डालकर मंदिर निर्माण कि राह किसने बनाई ?
*श्री बेलेश्वर महादेव मंदिर पर हुवे हादसे के क्या अकेले सेवाराम गलानी ओर मुरली सबनानी ही जिम्मेदार हैं।*
इस बात की भी जांच होना चाहिए की सार्वजनिक बगीचे को किसने और क्यों किसी निजी ट्रस्ट को सौंप दिया, जिसमें अवैध निर्माण के कारण यह हत्याकांड हुआ*
*इंदौर।लोहिया विचार मंच मध्य प्रदेश के अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल एवं सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने पटेल नगर की बावड़ी कांड में मृत 36 व्यक्तियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की है। साथ ही रेस्क्यू में लापरवाही तथा सार्वजनिक बगीचे की जमीन को निजी ट्रस्ट को सौपे जाने तथा उन पर किए गए अवैध निर्माण की जांच की मांग की है।*
श्री अग्रवाल ने आज पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद कहा कि इस हादसे को लेकर कई सवाल अनुत्तरित है। जिनका प्रदेश सरकार नगर निगम एवं स्थानीय प्रशासन को उत्तर देना चाहिए। आपने बताया कि इंदौर में अब तक की सबसे दर्दनाक हादसे के कारणों को लेकर पूरे शहर के नागरिकों और क्षेत्र के लोगों में भयंकर आक्रोश और गुस्सा है । यदि रेस्क्यू में देरी नहीं होती तथा संसाधन उपलब्ध कराए जाते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी । सेना को जल्दी नहीं बुलाना, नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही एवं मुख्यमंत्री के साथ आए कुछ लोगों के परिवार के सदस्य से बात नहीं करने देना तथा डांटना, पीड़ितों के परिजनों के गुस्से का बड़ा कारण है ।
आपने कहा कि छोटे अधिकारियों को इस घटना का शिकार बनाया गया है और उन्हें निलंबित किया गया है, जबकि नगर निगम के कमिश्नर सहित बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि सांसद शंकर लालवानी के हस्तक्षेप के कारण इस अवैध निर्माण की प्रशासन को मजबूरी में इजाजत देना पड़ी थी ।तो क्या नगर निगम कमिश्नर और सांसद शंकर लालवानी का इस्तीफा भी लिया जाएगा या प्रशासन केवल मजिस्ट्रियल जांच के नाम पर लीपापोती करेगा । नेता द्वय ने पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपया मुआवजा दिए जाने की मांग भी की है ।
*धृतराष्ट्र बन बैठी इन्दौर नगर निगम की कमिश्नर को उनको आंखों देखी (संजय) BO ओर BI ने जैसे जैसे रिपोर्ट दी वैसा वैसा सच मानकर अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर विश्वास करती रही निगम कमिश्नर ओर बार बार नोटिस देकर चुप रहने वाले झोंन के निगम अधिकारी और इनके मुखिया निगम कमिश्नर ने काश पहले ही संज्ञान लेकर रिमूव्हल कार्यवाही की होती तो आज यह विभत्स हादसा देखने को न मिलता ओर बेगुनाह लोग मरने से बच जाते।*
*हादसे पर पर्दा डालने ओर मामले को ठंडे बस्ते में डालने के कारण ही सिर्फ BO ओर BI को सस्पेंड कर दिया गया और बड़े अधिकारीयो सहित निगम कमिश्नर को मध्यप्रदेश सरकार ने छोड़ दिया।*
*जबकि कुछ माह पूर्व ही प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने निवाड़ी कलेक्टर की शिकायत मिलने पर एक कार्यक्रम में मंच से ही निवाड़ी कलेक्टर को किया था सस्पेंड तो फिर इन्दौर में 36 मौत के जिम्मेदार इन्दौर नगर निगम की कमिश्नर पर कार्यवाही क्यो नही की जा रही हैं क्या निवाड़ी के कलेक्टर का इन्दौर में हुवे हादसे से भी ज्यादा बड़ा गम्भीर मामला था जो मंच से ही मुख्यमंत्री जी ने कलेक्टर को किया था सस्पेंड?*
*क्या इस हादसे की जिम्मेदार इन्दौर नगर निगम कमिश्नर नही है क्या उनका दायित्व नही है कि बावड़ी या कुवों से कब्जे हटवाकर इनकीं साफ सफाई करवाकर शहर की आम जनता को पानी की परेशानी से छुटकारा दिलवाने हेतु कार्य करती क्या यह जरूरी हो गया हैं कि जब हादसा हो जाए तब ही निगमायुक्त कुवों की गिनती ओर उनकी बदहाली का लेखा जोखा करे।*
*क्या निगम अधिकारी सिर्फ अपने पद के कारण तनख्वाह ओर सुविधाए पाने के हकदार हैं।*
*इन जिम्मेदार अधिकारियो को लाखों रुपये हर महीने तनख्वाह दी जाती हैं गाड़िया,नोकर चाकर दिए जाते है फिर भी यह अधिकारी ऐसे हादसों को अंजाम देने वाले स्त्रोतों को रोकने में असफल रहते है क्योकि यह अधिकारी अपने एयरकंडीशनर दफ्तरों ओर बंगलो से बाहर निकलते ही नही है सिर्फ।*
गोपाल कोडवानी

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36 मौत व 26 जख्मी बावड़ी काण्ड
बगीचे का लैण्ड डायवर्शन नहीं तो इतने शासकीय निर्माण कैसे ?
टंकी, पार्षद कार्यालय दो मंदिर कैसे बने ?
नये मन्दिर निर्माण (स्थानान्तरण) का नोटिस पर पुराने मंदिर को अनुमति नोटिस किसने दीया ?
धटना पुराने मंदिर कि, नोटिस नव निर्माण का धटना कि जांच उलझाने का प्रयास ।
बावड़ी पर सिलेब निगम/प्राधिकरण किसने डाला ?
सेलेब डालकर मंदिर निर्माण कि राह किसने बनाई ?
*श्री बेलेश्वर महादेव मंदिर पर हुवे हादसे के असल जिम्मेदार तो निगम कमिश्नर ओर झोंन अधिकारी हैं फिर इन अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज क्यो नही की गई।*
मास्टर प्लान व इन्दौर विकास प्राधिकरण कि योजना क्र 31 मे यह बगीचा स्वीकृत है । जिसका क्षेत्रफल 1,64,900 वर्ग फिट (450+400÷2 425+++ 550+227÷2= 388) है । बिना लैण्ड डायवर्शन के निगम ने टंकी निर्माण,पार्षद कार्यलय व 2 मंदिरों को अनुमति केसे दि ? 1972 मे राजू श्रीनिवासन स्थानीय लिटिल फ्लावर स्कुल का छात्र व मेरा किराएदार कि बावड़ी खुली होने से डुबने पर मौत हो गयी थी ।
नोटिस का भ्रम जाल बुना जा रहा है । धटना के मुल तथ्यों को भटकाया जा रहा है । अपराधियों सेफ स्पेस दिया जा रहा है । यह प्रश्न 1970 से निवासरत ( योजना क 31 का तीसरा मकान ) सामाजिक कार्यकर्ता किशोर दीपक कोडवानी ने उठाई है।।





