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अब है, पुदुच्चेरी भाजपा के निशाने पर….!

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सुसंस्कृति परिहार

 

    अभी जुम्मा जुम्मा चंद रोज़ पहले ही अन्ना आंदोलन से राजनैतिज्ञ पहचान बनाने वाली किरण बेदी को पुदुच्चेरी के उपराज्यपाल पद से हटाया गया। यह एक अप्रत्याशित घटनाक्रम था। बी जे पी सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे तीन कारण है. सबसे बड़ी वजह है कि आने वाले विधानसभा चुनाव, जिसके चलते ये फैसला किया गया है. पहला, पुदुच्चेरी की कांग्रेस सरकार किरण बेदी पर समानांतर सरकार चलाने और निर्वाचित सरकार के दैनिक काम में दखल का आरोप लगा कर उन्हें हटाने की मांग करती आई है. बीजेपी के रणनीतिकारों के मुताबिक -कांग्रेस किरण बेदी को विधानसभा चुनाव में मुद्दा बना सकती थी इसलिए उन्हें हटाकर यह मुद्दा खत्म कर दिया गया.

    बीजेपी के सामने दूसरी परेशानी उसकी सहयोगी एआईएनआरसी को लेकर थी जो किरण बेदी से खुश नहीं थी, बीजेपी, एआईएनआरसी और एआईएडीएम का आने वाले चुनाव के लिए गठबंधन होगा और सहयोगी पार्टी को साथ लेने के लिए भी किरण बेदी को हटा दिया गया. उनका तबादला करने के बजाए बर्खास्त कर दिया गया. ऐसा  पुदुच्चेरी की जनता को संदेश देने के लिए किया गया कि पार्टी उनसे खुश नहीं थी। 

                तीसरा इस बात की संभावना है कि नारायणसामी सरकार के अल्पमत में आने के बाद केंद्र सरकार वहां दखल दे। वजह जो सामने आई है उससे तो यही लग रहा है कि पुदुच्चेरी की कांग्रेस सरकार के अल्पमत में आना ही मूल वज़ह है । इसीलिए नवागत उपराज्यपाल  तामिलिसाई सौंदर्यराजन ने नारायण सामी को सोमवार यानि 22फरवरी को बहुमत साबित करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि पुदुच्चेरी में सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी नंबर के संकट से जूझ रही है 15 सदस्यों की ज़रूरत है जबकि पास में सिर्फ अभी 10ही हैं। माना जा रहा है कि चार कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद सीएम नारायण सामी की सरकार अल्पमत में आ गई है. हालांकि, मुख्‍यमंत्री ने इससे इनकार किया है। कांग्रेस के चार विधायकों ने हाल में इस्तीफा दे दिया है जबकि एन. धनावेलु को पिछले साल कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अयोग्य करार दे दिया गया था. 

        कुछ ही दिन पहले NDTV से बात करते हुए नारायण सामी ने कहा था कि  भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी है, और वह अन्य राज्यों में ‘लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को गिराने’ के लिए इस्तेमाल की गई रणनीति को दोहरा रही है.पुदुच्चेरी में इसी साल अप्रैल-मई माह में विधानसभा चुनाव होने को हैं ।      ज्ञातव्य हो राहुल गांधी के पुदुच्चेरी जाने के पहले ही कांग्रेस विधायक इस्तीफे दे चुके थे ।बहरहाल ये तो तय है कि 22फरवरी को सरकार गिर जाएगी और भाजपा सत्ता में आ सकती है ।जिसकी संभावना ज्यादा है ।वरना राष्ट्रपति शासन लगाकर भाजपा की राह आसान की जा सकती है।एक बार भाजपा की खरीद फरोख्त कांग्रेस पर भारी पड़ी है । छोटे छोटे राज्यों पर भी भाजपा किस तरह पैनी नज़र रखती है यह महत्वपूर्ण है । उनके शातिर राजनैतिक खिलाड़ियों को दाद देनी होगी जिनकी बदौलत पुडुचेरी की भी शामत आ ही गई उसे अब बचाना टेढ़ी खीर है ।

Ramswaroop Mantri

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