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कपिल सिब्बल बोले:जिसके लिए मानहानि की बात, उनमें से किसी ने केस नहीं लगाया…

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इंदौर

कभी-कभी अदालतों के ऐसे फैसले आते हैं, जिनका कोई औचित्य ही नहीं। आधार ही नहीं। हालांकि मैं अभी कांग्रेस में नहीं हूं। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर कोर्ट का फैसला ही लीजिए, उससे कानून का क्या ताल्लुक है। जिसके लिए कहा गया कि ये मानहानि की बात है, उसने तो केस लगाया ही नहीं। तीनों मोदियों में से किसी ने मुकदमा नहीं किया। राहुल ने बयान दिया कर्नाटक में, मुकदमा दर्ज हुआ सूरत में। और इस बात पर दर्ज हुआ कि बैकवर्ड है, पर मोदी तो बैकवर्ड है ही नहीं। तो ये मुकदमा है क्या?

यह बात राज्य सभा सांसद और वकील कपिल सिब्बल ने कही। वे प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। सिब्बल ने अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या पर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों को रात में मेडिकल के लिए क्यों ले जाना पड़ा। जिन लोगों ने हत्या की हैं उनके पास सात लाख रु. के हथियार कैसे आए। इनका पुलिस रिमांड नहीं लेते हुए ज्युडिशियल रिमांड लिया गया। इससे पहले सिब्बल और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने अधिवक्ता सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा भी ऑनलाइन जुड़े और वकीलों को संबोधित किया।

इंदौर में रविवार को अधिवक्ता सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के लंबित मामलों में भारत नंबर वन है। 25 मिलियन केस तो सरकार के खिलाफ लंबित है। पेंडिंग केस बहुत बड़ा चैलेंज है। आज का दिन इंदौर के लिए नहीं बल्कि प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। यहां सारे अधिवक्ता यहां पर एकजुट हैं।

राज्यसभा सांसद व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर लॉयर विवेक तन्खा ने कहा हड़ताल का पक्षधर नहीं हूं। देश की हर लड़ाई में अधिवक्ताओं की प्रमुख भूमिका रही है। फिर चाहे राजेंद्र प्रसाद हो वल्लभ भाई पटेल हो मोतीलाल वोरा हो।

तन्खा ने कहा कि इस बार चुनाव में हम सभी को संघर्ष करना है। चुनाव में वकीलों की बड़ी भूमिका होती है। आप लोग अपनी ताकत को समझो। सरकार को बदलो। कांग्रेस को शिक्षा, स्वास्थ्य के मामले में बहुत कुछ करना है। भ्रष्टाचार खत्म करना है। ये चुनाव संविधान बचाने की लड़ाई है। अभी सीबीआई, ईडी सारी एजेंसियां केंद्र के इशारे पर काम करती हैं।

राज्यसभा सांसद व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा आज कल क्या हो रहा है चुनी सरकार को गिराना कौन सा कानून है? मुख्यमंत्री हों या पूर्व मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कभी भी जांच शुरू हो जाती है। सीबीआई, ईडी केंद्र की एजेंसी कभी भी किसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि मैंने और विवेक तन्खा ने मिलकर एक वेबसाइट बनाई है, ‘इंसाफ के सिपाही’ इसमें हर कोई व्यक्ति जिसे किसी प्रकार की शिकायत हों, सारी जानकारी रजिस्टर कर सकता है। संबंधित जिले के अधिवक्ता संपर्क करें पूरा मामला जाने की जानकारी जुटाकर उसकी मदद करेंगे।

सिब्बल ने कहा संविधान कहां रह गया है? मीडिया हाउस को बड़े उद्योगपति चला रहे हैं। उनके काम सरकार से होते हैं और मीडिया सरकार के इशारे पर काम करता है। केंद्र सरकार की इतनी मनमानी है कि 2014 से लेकर 2022 तक ईडी ने 125 बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की इनमें से 118 विपक्षी पार्टी के थे। देश में आज न्यायालय, चुनाव आयोग और विश्वविद्यालय जैसी सभी संस्थाएं कैप्चर की जा चुकी हैं। देश के संविधान के लिए भी यह एक बड़ा खतरा है।

अब सोशल मीडिया पर भी कब्जे की तैयारी है। 6 अप्रैल को सरकार ने नोटिफिकेशन निकाला है कि आने वाले दिनों में चुनाव संबंधी खबरें सोशल मीडिया पर छानबीन के बाद जारी होंगी। यानी अब सोशल मीडिया के माध्यम से दबाया जा रहा है।

कार्यक्रम विद्या सागर स्कूल, बिचौली मर्दाना में आयोजित किया जा रहा है। मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य और कार्यक्रम के संयोजक जय हार्डिया ने बताया कि कार्यक्रम में श्रेष्ठ काम करने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा।

आयोजन में ‘विधानसभा के आम चुनाव में अभिभाषकों की भूमिका’ संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। तन्खा और सिब्बल दोपहर प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

अधिवक्ता सम्मान समारोह में सैम पित्रोदा ने संगोष्ठी को ऑनलाइन संबोधित किया।

अधिवक्ता सम्मान समारोह में सैम पित्रोदा ने संगोष्ठी को ऑनलाइन संबोधित किया।

Ramswaroop Mantri

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