अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

नवनिर्वाचित धार जिला भाजपाध्यक्ष को, अर्जुन की तरह एक सफल तीरदांज भी होना पड़ेगा

Share

बाग,मदन काबरा/:- नवनियुक्त जिला भाजपाध्यक्ष वैसे तो संघ के रणनीतिज्ञ रहे है।संघ से राजनीतिक पारगंत होकर ही राजनीति मे पदार्पण हुआ।उन्हें संघ से जो जिम्मेंदारीया सौंपी गई थी, उसमे उन्होंने उसे अमलीजामा पहनाने मे अपनी रणनीतिक रणमोर्चे मे बखूबी निर्वहन भी किया था।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष संघ मे तैयार हुएं तो उन्हें संगठन मे भेजकर उनकी योग्यता व काबलियत का डंका भाजपा संगठन मे भी दिखलाया।यही कारण है कि,संघ की और से पारगंत इस खिलाड़ी को विधानसभा चुनाव 29023 को देखते हुए,धार जिले की सात विधानसभा सीटों मे से पांच जनजाति प्रभावित सीट और वह भी कांग्रेस के प्रभुत्वशाली कवच की तरह सीटों पर,उनको जो  कप्तानी पारी की  जिम्मेंदारी सौंपी है,वह बहुत ही सही एवं साहस भरा सराहनीय कदम साबित करनें मे नवनिर्वाचित अध्यक्ष को अपनी चाणक्यता राजनीति का परिचय देना होगा।,उनकी निगाहों मे जो कार्यकर्ता वास्तव मे समर्पित सिपाही के साथ सैनिकों की भूमिका मे वर्तमान चाटूकारिता, चापलूसिता एवं भाटगिरी के चलते नेपथ्य मे चले गये है,जो चुनाव के परिणाम को प्रभावित करनें का माद्दा रखते रहे है,उनको संगठन के प्रति नवीन ऊर्जाओं से ओतप्रोत करना महत्वपूर्ण जिम्मेंदारीया होगी। तभी इस धारजिले मे भाजपा के नक्शे मे जनजाति क्षेत्र मे जोश व उमंग से भरा मुकाम पाया जा सकता है।

क्योंकि देखा गया है कि,पार्टी मे कार्यकर्ता बनकर काम करने वालों की कमी है,क्योंकि उनमे से अधिकांशतः  पदाधिकारी बनकर संगठन के बडे नेताओं के सामने दिखावा करनेवाले तत्व ज्यादा नजर आते है,जो कि,कही कही उनका राजनीतिक लक्ष्य सेवा, राष्ट्र सेवा न होकर,व्यवसाय व दलाली की राजनीति से ओतप्रोत नजर आता  है।नवनिर्वाचित अध्यक्ष इस बात के मंजे हुएं खिलाड़ी से कप्तान जो बनाये है वे जरूर धार जिले मे अपनी धारदार राजनीतिक से भाजपा मे अवश्य निखार जरूर लायेंगे, इसमे कोई अतिश्योक्ति नही।

सभी कार्यकर्ता चाहते है कि,भाजपा जो पिछले कुछ समय से संघ की लाईन दिशा निर्देश से हटकर जिस दिशा मे उसकी भटकाव वाली  राजनीतिक बयार बहवा रही थी,उससे पार्टी संगठन को बहुत नुकसान हुआ था।संगठन बेलगाम की दिशा मे चल पड़ा था।जैसे जहां संविधान मे जो पद नही थे मंडल अध्यक्ष ने वे पद पैदा कर नियुक्ति दे दी गई थी।संगठन के आदेश हवा हवाई हो चले थे।जिसे जिला पंचायत के चुनाव मे लड़ने के लिये आदेशित किया, उसने स्पष्ट मना करना यह सब संगठन की कमजोरी थी।यही नही एक ही परिवार मे एक कांग्रेस का मजबूत नेता है तो दुसरा भाजपा का नेता और ऐसे घर मे दोनो दलों के वरिष्ठ नेताओं की जाजम लगती है तो कार्यकर्ताओं का रोष सातवें आसमान पर होना स्वाभाविक है।इसी हाल के चलते तो जनजाति सीटें खोई गई।

खैर जो भी हुआ,अबतक कप्तान की कप्तानी पारी की अदूरदर्शिता का परिणाम था।नही तो क्या कारण था कि,गंधवानी विधानसभा क्षेत्र की पंचायत चुनाव मे दो महत्वपूर्ण जनपद पंचायत के अध्यक्षीय चुनाव मे,भाजपा ने अपने उम्मीदवार ही खड़े नही करके जो संदेश दिया, वह पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश कर गया।इस पर भी जिला संगठन के नेताओं ने नोटिस मे नहीं लिया था, इससे भी संगठन मे असंतोष की भावनाएं कुलबुला रही है।

यही नही भाजपा के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष को इस बात की तह मे भी जाना होगा कि,आखिर किन कारणों से ग्राम पंचायत बाग के उपसरपंच चुनाव मे बाग ब्लॉक कांग्रेस के नेता एक पदाधिकारी को,पंचायत मे भाजपा के बहुमत के बावजूद 20 मे से 14 वोट कांग्रेस को क्यों और कैसे मिलें।वरिष्ठ कहलाने वाले भाजपाईयों ने भी  उपसरपंची मे कांग्रेस नेता को सर्मथन क्यों किया, यही नही,कौनसा भाजपा का बुथ अध्यक्ष था जो स्वयं भू नगर अध्यक्ष भी बना हुआ है,उसने बाग ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के उपसरपंची चुनावी फार्म पर प्रस्तावक  क्यों और कैसे बना, अब तक इन नेताओं से जिला संगठन ने जवाब तलब क्यों नही किया।इस ढुलमुल रवैये से ही तो भाजपा संगठन बेलगाम हो चला था।संगठन के कार्यकर्ताओं मे निराशा छाई हुई है।

भाजपा के जिला नवनिर्वाचित अध्यक्ष इन सब मुद्दों के पारगंत खिलाड़ी होकर ही कप्तानी पारी खेलने के लिये मैदानेजंग हुएं है तो निश्चित ही मानिए कि धार जिले मे भाजपा का ग्राफ निश्चित ही बढ़ेगा,बशर्ते की आमूलचुल परिवर्तन ही संगठन को नवीन प्राण फुकने मे सार्थकता से प्रवाह की आवश्यकता है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें