बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक और डीएफ़ओ द्वारा संगठन कार्यकर्ता माधुरी पर 21 वन अपराध के केस और 3 पुलिस केस दर्ज किए गए है – और बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं कि संगठन एवं माधुरी, जो की लगातार शासन प्रशासन की मिलीभगत का विरोध करते हैं, खुद 500 एकड़ वन कटाई में लिप्त हैं!*

*संगठन द्वारा कटाई के खिलाफ दिए गए शिकायतों के अलावा, माधुरी स्वयं वॉट्स्ऐप पर भी जिला कलेक्टर, एसपी एवं डीएफ़ओ को लगातार वन कटाई के बारे में जानकारी देते हुए कटाई रोकने की मांग 9 अक्तूबर, यानि जब से कटाई शुरू हुई, तब से ही की जा रही है !*
*शासन प्रशासन के कटाई और तस्करी और मिलीभगत के ऊपर सवाल उठाने वाले संगठन के ऊपर उसके सदस्यों से वन अधिकार दावें भरने के लिए पैसे ऐंठने के हास्यास्पद आरोप लगाए गए हैं! यह भी आरोप लगाया गया है कि संगठन की सदस्यता पर्ची – सबूत है की संगठन द्वारा आदिवासियों से पैसे वसूले जा रहें हैं ! (जबकि संगठन के खाते के संबन्धित नियम आदिवासी कार्यकर्ता एवं खाता 3 आदिवासी महिला कार्यकर्ताओं के नाम पर है!)*
*इन सब से मात्र यह स्पष्ट हो चुका है कि संगठन और उसके कार्यकर्ताओं द्वारा महीनों से हो रही वन कटाई और तस्करी में शासन की मिलीभगत के ऊपर उठाए गए सवालों के लिए बदला लिया जा रहा है!*





