भोपाल। 18 साल से मध्यप्रदेश पर राज कर रही भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक चुनाव के फैसले को देखकर चौकन्नी हो गई है। राज्य की स्थिति बिल्कुल कर्नाटक की तरह ही है, जहां पिछला चुनाव हारने के बाद भाजपा ने जोड़-तोड़ कर सरकार बनाई थी। यहां भी कांग्रेस भ्रष्टाचार, बेरोजगारी के साथ-साथ उन्हीं मुद्दों को उठाएगी, जिनके बूते पर कर्नाटक में विजय हांसिल की। इसके अलावा मध्यप्रदेश में एनटी-इनकम्बेंसी का भी एक बड़ा फेक्टर काम करेगा। प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस बात को लेकर रोष है कि पार्टी ने कल के आए कांग्रेसियों को उनके ऊपर लाद दिया। इसके चलते भाजपा को अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं को भी संतुष्ट करना पड़ेगा।
कर्नाटक चुनाव के फैसले को देखकर मध्यप्रदेश में भी भाजपा चौकन्नी





