इंदौर
काम में लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों को कलेक्टर मनीष सिंह के गुस्से का शिकार होना पड़ा। डीआईसी की मैनेजर संध्या सिंह अलावर का जहां वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं अपर कलेक्टर अजयदेव शर्मा को चिट फंड कंपनी से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण में समय सीमा के तहत प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जोन पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में हुई टीएल बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने पशु पालन अधिकारी को शत-प्रतिशत दुग्ध उत्पादकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी एसडीएम को ऐसी भूमि अथवा प्लॉट जिन पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। एसडीएम आरआई व पटवारियों के साथ मिलकर तहसीलवार कब्जों की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाएं। वहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि समतलीकरण के नाम पर जिले में अवैध खनन नहीं होना चाहिए।
अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चंद्र ने बताया, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए पांच रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इनके जरिए 10 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। सिंह ने सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निजी भूमि पर अवैध कब्जा/अतिक्रमण, आवास भट्टा, लोक स्वास्थ्य, नवीन राशन कार्ड, नामांकन एवं बटवारा आदि से संबंधित लंबित शिकायतों का को देखा।





