अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

वाह ! एन राम,…पत्रकारिता हो तो ऐसी!

Share

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनुष्ठानिक तरीके से नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना की। इसके लिए तमिलनाडु के एक मठ के साधु संतों को भी बुलाया गया था। इससे पहले सेंगोल को लेकर एक कहानी प्रचारित की गई। उस कहानी को लेकर ‘द हिन्दू’ परिवार में ही घमासान मचा था।
एन राम ‘ द हिन्दू’ के पूर्व चेयरमैन हैं और अपने वामपंथी रूझान के लिए जाने जाते हैं। अभी उनकी कजिन मालिनी पार्थसारथी ‘द हिन्दू’ की चेयरपर्सन थी। लेकिन वे अन्य मीडिया समूहों की तरह नरेन्द्र मोदी की कहानी को ही सपोर्ट कर रही थी। यानी दोनों भाई-बहन वैचारिक रूप से विपरीत ध्रुव पर खड़े थे।
इसी सेंगोल विवाद में एन राम ने सच को सामने रखा तो
‘ द हिन्दू ‘ की चेयरपर्सन मालिनी पार्थसारथी को अखबार के मुखिया पद से इस्तीफा देना पड़ा।

‘द हिन्दू ‘ के अन्य बोर्ड मेंबर्स से मालिनी की ताजा रस्साकस्सी की वजह बनी वो सरकारी घोषणा जो कहती है कि सेंगोल को माउंटबेटन ने पंडित नेहरू को सत्ता स्थानांतरण के प्रतीक के तौर पर दिया था । हिन्दू के एक पत्रकार ने तथ्यों के साथ ये सिद्ध कर दिया था कि ये एक बोगस क्लेम है । लेकिन बात यही तक नहीं ठहरी।

दिग्गज पत्रकार और हिन्दू के पूर्व चेयरमैन एन राम ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके 29 अगस्त 1947 के ‘हिन्दू’ का वो एडिशन लोगो के सामने रख दिया जिसमें उस सेंगोल को पं जवाहर लाल नेहरू को सौंपते समय की ख़बर प्रकाशित थी।
इस पूरी खबर में कहीं भी माउंटबेटेन वाली कहानी का न तो कोई जिक्र था, न ही माउंटबेटन या सी राजागोपालाचारी का ही कोई बयान।

राम के अनुसार कुल मिलाकर सेंगोल एक धार्मिक मठ की तरफ से भारत के नए प्रधानमंत्री को भेंट किए गए सोने चढ़े दण्ड से ज्यादा कुछ नहीं था , इसलिए इसे आनंद भवन म्यूज़ियम में रख दिया गया। तथ्यों से ये भी साबित होता है कि धार्मिक मठ ने ‘हिन्दू’ के उसी एडिशन में बाकायदा फ़ोटो सहित विज्ञापन देकर इस बात को प्रचारित, प्रकाशित भी करवाया था।

चेयरपर्सन के तौर पर मालिनी पार्थसारथी को ये अपना अपमान लगा क्योंकि मालिनी आरएसएस सहयोगी एस गुरुमूर्ति के साथ मिलकर सेंगोल की माउंटबेटेन वाली कहानी को ही सपोर्ट कर रही थीं। उन्होंने कुर्सी छोड़ दी।
बहरहाल पत्रकारिता का परचम ऊंचा रहा।
( पत्रकार देवेन्द्र सुरजन की वाल से प्रेरणा लेकर संपादित की गई पोस्ट )

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें