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जयस में 3 फाड़!:इंदौर के 3 डॉक्टर दोस्त, जो हैं अब ‘राजनीतिक दुश्मन’

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इंदौर।

मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनावी साल में राजनीति ने तेजी से करवट ली है। अब खबर है बहुचर्चित आदिवासी संगठन जयस से है। इस संगठन का पूरा नाम जय आदिवासी युवा शक्ति है। कभी हीरालाल अलावा, लोकेश मुजाल्दा, आनंद राय जैसे चेहरे एक साथ थे लेकिन अब यह संगठन में अलग-अलग राग और राह पर हैं। हाल में चर्चा है कि आनंद राय सहित पांच लोगों ने तेलंगाना में सक्रिय पार्टी BRS को ज्वाइन कर लिया है। यह पार्टी मध्य प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके बाद से चर्चा शुरू हो गई है कि असली जयस कौन सा है? संगठन से जुड़े लोगों को दावा है कि MP में जयस तीन गुटों में बंट गई है। खास बात है कि इन सभी नेताओं का बैकग्राउंड इंदौर का है। कभी दोस्त रहे ये लोग अब राजनीतिक रूप से दुश्मन बन गए हैं।

एक गुट कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा का है। इस गुट के नेता प्रदेश की 80 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरा खेमा, भाजपा के डॉ. निशांत खरे का है जो कुछ युवा नेताओं के साथ भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। तीसरे गुट ने BRS पार्टी से दो दिन पहले ही हाथ मिला लिया है। इसके बाद से चर्चा में आई जयस के सभी गुटों से बातचीत की तो चौंकाने वाले जवाब सामने आए हैं..

पहला गुट : लोकेश मुजाल्दा और आनंद राय (जिन्होंने तेलगांना के CM केसीआर की पार्टी BRS से हाथ मिलाया :

डॉ. आनंद राय व्यापमं घोटाले को उजागर होने के बाद चर्चा में आए। सरकार विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें सरकारी डॉक्टर के पद से बर्खास्त कर दिया गया है। राय पिछले कुछ साल से जयस संगठन को खड़ा करने का काम कर रहे हैं। लोकेश मुजाल्दा इस समय जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह पेशे से इंजीनियर है। जयस को विक्रम अछालिया, लोकेश मुजालदा, रामदेव काकोडिया ने तैयार किया था। वे जयस के संस्थापक सदस्य है।

बीआरएस के प्रेसिडेंट और तेलंगाना सीएम के साथ मूल जयस संघटन के लोग।

बीआरएस के प्रेसिडेंट और तेलंगाना सीएम के साथ मूल जयस संघटन के लोग।

दो दिन पहले BRS से हाथ मिलाने वाले जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि हम मध्य प्रदेश में तीसरा मोर्चा देने जा रहे हैं। हम मप्र की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हम बीआरएस पार्टी को अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदेश के आदिवासियों के मुद्दों को बीआरएस ने अपने मेनिफेस्टो में जगह दी है। हम आरएसएस की तर्ज पर काम करते हुए बीआरएस को समर्थन देंगे। बीआएस पार्टी के वरिष्ठ नेता दासोजू श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी चुनाव की तैयारी कर रही है। लेकिन इसकी ज्यादा जानकारी पार्टी के प्रेसिडेंट ही दे पाएंगे।

दूसरा गुट : मनावर से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा (जयस के बड़े चेहरे रहे हैं)

डॉ हीरालाल अलावा पहले दिल्ली एम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी करते थे। 2016 में नौकरी से इस्तीफा देकर सियासी पारी की शुरुआत की थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर मनावर से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की। कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा गुट का दावा है कि आगामी चुनाव में जयस प्रदेश की 80 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अभी जयस अकेला ही कांग्रेस-बीजेपी को चुनौती दे रहा है। दरअसल कांग्रेस-बीजेपी का आदिवासियों के लिए क्लियर नहीं है। इन दोनों में से जो भी दल के हमारे रुख पर खरा उतरेगा हम उस पार्टी को समर्थन देंगे।

कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ।

कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ।

तीसरा गुट : डॉ. निशांत खरे (जयस में घुसपैठ करने में कामयाब हुए)

डॉक्टर निशांत खरे इस समय मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष है। संघ की पृष्ठ भूमि से आने वाले खरे इंदौर से महापौर टिकट के लिए भी दावेदारी कर चुके है। खरे सीएम शिवराज के ख़ास बताए जाते है। डॉ. निशांत खरे के साथ भाजपा के लिए काम कर रहे जयस नेताओं का दावा है कि भाजपा ही आदिवासियों की सच्ची हितैषी है। बीते पांच सालों में मप्र में आदिवासियों के कल्याण के लिए कई कार्यक्रम व योजनाएं लागू की गई हैं। जिनका लाभ आदिवासियों को मिल रहा है।

डॉ. निशांत खरे सीएम शिवराज के साथ।

डॉ. निशांत खरे सीएम शिवराज के साथ।

अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज…

गैर आदिवासी हमारे फैसले नहीं ले सकता, इसलिए आनंद राय को जयस से बाहर किया- अलावा

कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने बताया कि डॉ. आनंद राय को जयस से बाहर कर दिया गया है। वे सिर्फ पांच लोगों को लेकर बीआरएस पार्टी में गए हैं। इनमें से किसी का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। इन लोगों के जाने से जयस को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जयस शुरू से ही स्वतंत्र आदिवासी नेतृत्व की बात करता आया है लेकिन आनंद राय आदिवासी नहीं हैं। वह आदिवासियों के फैसले नहीं ले सकते। अलावा ने आरोप लगाया कि जयस में गुटबाजी फैलाई।

डॉ आनंद राय बीआरएस के प्रेसिडेंट और तेलंगाना सीएम केसीआर के साथ।

डॉ आनंद राय बीआरएस के प्रेसिडेंट और तेलंगाना सीएम केसीआर के साथ।

आनंद राय ने भी अलावा को दिया ये जवाब

बीआरएस में शामिल हुए आनंद राय ने कहा कि अलावा कांग्रेस के नेता है, वह मुझे जयस से नहीं निकाल सकते। मूल जयस मेरे साथ है जो बीआरएस को समर्थन दे रहा है। हीरालाल अलावा जयस की आड़ में अपनी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आदिवासियों के लिए एक काम नहीं किया, सिर्फ़ उनका इस्तेमाल किया है। अलावा 80 सीटों पर चुनाव लढ़ने की बात कर रहा है वह पहले ख़ुद की विधानसभा सीट तो बचा लें।

बीआरएस आदिवासियों के लिए अच्छा काम कर रही, अलावा दो नाव में सवार- अछालिया

जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) के संस्थापक सदस्य रहे विक्रम अछालिया ने कहा हमने अलावा से कहा है कि कांग्रेस से इस्तीफा देकर जयस के लिए पूरी तरह से काम करें। कांग्रेस में रहकर काम करने से बीजेपी को आरोप लगाने का मौका मिलेगा कि हम कांग्रेस की बी टीम हैं।

तेलंगाना में गांव के लोग हमसे बेहतर इंग्लिश में बात करते हैं। गोल्फ जैसे महंगे गेम में भी आदिवासी इलाके में बढ़ावा दिया जा रहा है। आपको बता दें कि दो दिन बाद प्रदेश के 200 से ज्यादा लोग तेलंगाना जाकर बीआरएस की सदस्यता लेने वाले हैं।

हीरालाल अलावा कांग्रेस के विधायक है बीआरएस के एमपी में आने से कांग्रेस और बीजेपी बाैखला गई है- मुजाल्दा

जयस के लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि हीरालाल अलावा कांग्रेस के विधायक हैं। वे कौन से चुनाव चिन्ह के साथ 80 सीटों पर चुनाव में उतरेंगे, जयस गुटों में नहीं बंटी है। प्रदेश की 47 आरक्षित सीटों सहित 100 अन्य सीटों पर जयस का पूरा होल्ड है। जहां पर चुनाव के दौरान बीआरएस का हम पूरा समर्थन करेंगे।

Ramswaroop Mantri

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