डॉ. प्रिया
सर्दी-जुकाम होने पर किसी के भी गले, नाक और छाती में कफ की समस्या हो सकती है। पर कुछ लोग लगातार बलगम का बनना महसूस करते हैं, बिना किसी बीमारी के भी। यह म्यूकस है. अगर आपके परिवार में भी किसी के साथ ऐसा है, तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज अतिरिक्त म्यूकस उत्पादन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
हमारे सांस लेने पर वायरस, धूल और अन्य गंदगी नाक के बलगम (Mucus) से चिपक जाते हैं। ये बाद में सिस्टम से बाहर निकल जाते हैं। कभी-कभी शरीर बहुत अधिक गले का बलगम बनाता है। इसे बार-बार साफ करने की जरूरत पड़ती है। दरअसल बलगम श्वसन तंत्र को लुब्रिकेट और फिल्टर करने में मदद करता है। यह म्यूकस मेम्ब्रेन से बना होता है। यह नाक से फेफड़ों तक रहता है।
*क्याें होता है बलगम(Mucus)का निर्माण?*
एडवांस ड्रग डेलिवरी रिव्यू के अनुसार, ऐसी कई स्वास्थ्य स्थितियां हैं, जो अतिरिक्त म्यूकस उत्पादन को ट्रिगर कर सकती हैं, जैसे कि एसिड रिफ्लक्स, एलर्जी, दमा, संक्रमण, सामान्य सर्दी, फेफड़े के रोग, जैसे क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज अतिरिक्त म्यूकस उत्पादन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
खराब जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के कारण भी यह हो सकता है। ड्राई इनडोर वातावरण, पानी और अन्य फ्लूइड का कम सेवन भी म्यूकस प्रोडक्शन का कारण बन सकता है। कॉफी, चाय, शराब, धूम्रपान और कुछ दवाएं भी इसे बढ़ा देती हैं।
कफ से अलग है बलगम :
एडवांस ड्रग डेलिवरी रिव्यू के अनुसार, सूजन के प्रतिरोध में निचले वायुमार्ग द्वारा बलगम का उत्पादन होता है। जब अतिरिक्त बलगम होता है, तो यह खांसी का कारण बनता है। इसे कफ कहा जाता है।
*म्यूकस से बचाव के उपाय :*
म्यूकस का उत्पादन अधिक होने पर डॉक्टर भी कुछ होम रेमेडीज को आजमाने की सलाह देते हैं।
1. गर्म नमक पानी से गरारे करें :
गार्गल का प्रयोग वर्षों से होता आया है। पीने लायक गर्म पानी में नमक डालकर इसे बनाया जा सकता है। इसे मुंह में रखकर गरारे करें।
यह घरेलू उपाय गले में मौजूद बलगम को साफ करने में मदद कर सकता है। यह कीटाणुओं को मारने में भी मदद कर सकता है।
2. हवा को नम करें :
इंग्लैंड मेडिसिन जर्नल के अनुसार, यदि बाहर हवा शुष्क है, तो अपना बचाव करें।
ह्यूमिडिफायर की मदद से आसपास की हवा नम की जा सकती है। हवा में नमी बलगम को पतला रखने में मदद कर सकती है।
3. हाइड्रेटेड रहें :
पर्याप्त तरल पदार्थ, विशेष रूप से पानी पीने से बलगम के जमाव को कम करने और इसके प्रवाह में मदद मिल सकती है।
गर्म तरल पदार्थ प्रभावी हो सकते हैं। कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचें. पानी पीने से बलगम के जमाव को कम करने और इसके प्रवाह में मदद मिल सकती है।
4. सिर ऊपर उठाएं :
सीधे लेटने से ऐसा महसूस हो सकता है कि बलगम गले के पिछले हिस्से में इकट्ठा हो रहा है।सिर ऊपर की तरफ उठाने से राहत मिल सकती है।
5. डिकंजेस्टेंट से बचें :
डिकंजेस्टेंट स्राव को सुखा देते हैं। इससे बलगम को कम करना और बाद में खत्म करना अधिक कठिन हो सकता है।
यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो बलगम उत्पादन को रोकने के लिए स्मोकिंग छोड़ दें। विशेष रूप से अस्थमा या सीओपीडी जैसी पुरानी फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों के लिए नशा कठिन स्थिति पैदा कर सकता है।
6. केमिकल और प्रदूषण से बचें :
किसी भी प्रकार की सुंगधित वस्तु, एलर्जी, केमिकल या प्रदूषण म्यूकस मेम्ब्रेन को परेशान कर सकते हैं।
इसके कारण शरीर को अधिक बलगम पैदा करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
7. इन्हें भोजन में शामिल करें :
लहसुन, मूली, और सेब हाई फाइबर वाले फ़ूड हैं। इसे अपने आहार में शामिल करने से बलगम को कम करने में मदद मिल सकती है।
हाई फैट या डेयरी खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि इससे कफ हो सकता है।
शरीर हमेशा बलगम का उत्पादन करता रहता है। गले में बलगम का अधिक उत्पादन मामूली स्वास्थ्य समस्या का परिणाम भी हो सकता है। कभी-कभी अतिरिक्त बलगम अधिक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। यदि लगातार अधिक बलगम आ रहे हैं, तो अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से मिलें।





