- टोल टैक्स वसूली से लेकर सड़क निर्माण और ऑडिट अनुबंध काे लेकर किए गए सवाल का लिखित जवाब था
- विधानसभा में मंगलवार को होनी थी इस सवाल पर चर्चा, सोमवार रात 10 बजे विधायक को मिले जवाब के बंडल
भोपाल
इंदौर-उज्जैन संभाग की सड़कों को लेकर मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने विधानसभा में सवाल लगाया था। लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने इसका लिखित जवाब सिसोदिया को भेज दिया। जवाब इतने पेज में थे कि उनका वजन ही करीब 15 किलो था। चूंकि विधानसभा की प्रश्नोत्तर सूची में यह सवाल 20वें नंबर पर था। इसलिए इस पर मंगलवार को सदन में चर्चा होनी थी। सिसोदिया को सोमवार रात 10 बजे जवाब के बंडल उनके घर पहुंचाए गए।
सिसोदिया ने दैनिक भास्कर से कहा कि 15 किलो के जवाब का अध्ययन एक रात में कैसे करता? हलांकि दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार 24 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई। ऐसे में प्रश्नकाल नहीं हुआ। यदि होता तो मैं कैसे अपडेट होकर इस गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा करता? अब अध्ययन के बाद अगले सत्र में प्रतिप्रश्न लगाया जाएगा।
सिसोदिया ने यह सवाल लगाया था
-इंदौर-उज्जैन संभाग में पीडब्ल्यूडी कुल कितनी टोल रोड पर कितने समय से टोल टैक्स वसूल रहा है?
-1 जनवरी 2015 से अब तक (प्रश्न लगाने वाले दिन तक) सड़कों के खराब होने की कितनी शिकायतें हैं?
-इन सड़कों का ऑडिट कब-कब कराया गया? इन सड़कों के निर्माण में पिछले 10 साल में कितनी राशि खर्च की गई?
इसलिए लगाया गया सवाल
दरअसल, नीमच के नयागांव से धार के लेबड़ तक 260 किलोमीटर की सड़क करीब 12 जगहों पर खराब है। इस कारण एक्सीडेंट हो रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि इन सड़कों पर 5 टोल नाके हैं, जहां रोजना 25 से 30 लाख रुपए का टैक्स कलेक्शन होता है। बावजूद इसके सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
10 साल पहले 9 विधायक दल ने किया था निरीक्षण
सिसोदिया ने बताया कि वर्ष 2010 में इस सड़क निरीक्षण करने के लिए विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी (अब दिवंगत) ने मेरी अध्यक्षता में 9 विधायकों की कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने इस सड़क का निरीक्षण करने के बाद एक रिपोर्ट भी सरकार को सौंपी थी। बावजूद इसके इस सड़क पर एक्सीडेंट कम नहीं हुए।






