अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

परेशानियों से जूझ रहे विस्थापित, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण कर रहा आदेशों का उल्लंघन

Share

बड़वानी

नर्मदा नदी की डूब से प्रभावित विस्थापित पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। जिले के ऐसे 65 गांव के 38 पुनर्वास स्थलों पर रह रहे लोग मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेल रहे हैं। इसे लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन का कहना है कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और शिकायत निवारण प्राधिकरण के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है।

जिला मुख्यालय से महज दो किमी दूर स्थित पुनर्वास स्थल कस्बा बड़वानी-3 (कसरावद, कुंडिया) पर रोड का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी पूर्ण रूप से नहीं किया गया है। वर्तमान में हो रही बारिश के कारण ग्रामीणों को कीचड़ की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

नर्मदा बचाओ आंदोलन के राहुल यादव, मोहन भिलाला, कैलाश यादव तथा मंशाराम धनगर ने बताया कि सरदार सरोवर योजना से प्रभावित बड़वानी जिले के 65 गांव के लिए 38 पुनर्वास स्थलों का निर्माण नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा 2001 में किया गया था, लेकिन आज भी ये पुनर्वास स्थल मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

उन्होंने बताया कि एनब्ल्यूडीए अवार्ड मध्यप्रदेश राज्य की पुनर्वास नीति व सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट तथा शिकायत निवारण प्राधिकरण द्वारा 28.11.2017 को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को आदेश दिया गया था कि समय-सीमा में संपूर्ण काम कर विस्थापितों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, लेकिन आज तक इस प्रकार का कार्य नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा नहीं किया गया है।

आदेशों का किया जा रहा उल्लंघन

नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि शिकायत निवारण प्राधिकरण द्वारा 28 नवंबर 2017 को आदेश जारी कर बारिश के पानी की निकासी के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को 31 मई 2018 तक संपूर्ण नाली निर्माण का कार्य पूर्णरूप से करने के आदेश दिए गए थे।

लेकिन आज तक संपूर्ण कार्य नहीं किया गया है। इस आदेश का भी उल्लंघन किया जा रहा है। वर्तमान में कसरावद पुनर्वास स्थल पर रोड पर पूरा कीचड़ होने से आवागमन में समस्या उत्पन्न हो रही है। कसरावद पुनर्वास स्थल के विस्थापितों का कहना है कि आज भी पुनर्वास स्थलों पर रोड व नाली निर्माण संपूर्ण नहीं किया गया है, जिसके कारण रहवासियों को यहां पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां रह रहे लोगों का कहना है कि इन समस्याओं पर ना तो जिम्मेदार कोई कार्यपालन यंत्री द्वारा या नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और ना ही अन्य किसी का इस ओर ध्यान गया है। विस्थापितों के पक्ष में आदेश होने के बाद भी यहां समस्याएं विद्यमान है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें