नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के काम में दखल देने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को नोटिस जारी किया है। जस्टिस प्रतिभा सिंह की बेंच ने बीसीआई को 3 मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
यूपी बार काउंसिल की ओर से वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने इन सर्कुलरों का विरोध करते हुए कहा कि यूपी बार काउंसिल ने बीसीआई की ओर से जारी गए इन सर्कुलरों को रद्द कर दिया है। हालांकि अभी भी इसके बैंक खाते तीन सदस्यीय चुनाव समिति के नियंत्रण में हैं।
सुनवाई के दौरान बीसीआई की ओर से पेश वकील राजीव बंसल ने कहा कि बीसीआई की मुख्य शिकायत यह है कि यूपी बार काउंसिल में अध्यक्ष का वर्तमान कार्यकाल दो व्यक्तियों के बीच बंटा हुआ है, अर्थात हर छह महीने के लिए। ये बीसीआई के नियम के मुताबिक स्वीकार्य नहीं है। इस पर मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि यूपी बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से तय किया है कि रोहिताश्व कुमार अग्रवाल इसके अध्यक्ष के रुप में काम करते रहेंगे।





